Margashirsha Shankh Puja: मार्गशीर्ष माह में शंख की पूजा क्यों है महत्वपूर्ण? जानिए किस मंत्र का करें जप 

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सनातन धर्म में, मार्गशीर्ष (अगहन) का महीना अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है. यह महीना भगवान श्री कृष्ण और विष्णु जी को समर्पित है, और इस माह में शंख की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि मार्गशीर्ष माह में विधि-विधान से शंख की पूजा करने से न केवल भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं, बल्कि माता लक्ष्मी का भी घर में स्थायी वास होता है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष का पवित्र महीना इस वर्ष 6 नवंबर 2025 से आरंभ हो चुका है और इसका समापन 4 दिसंबर 2025 को होगा. आइए जानते हैं कि मार्गशीर्ष माह में शंख पूजा इतनी महत्वपूर्ण क्यों है, इसकी पूजन सामग्री क्या है और कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए.

मार्गशीर्ष माह में शंख पूजा का महत्व

Margashirsh Month 2022: मार्गशीर्ष माह में शंख के ये उपाय दिखाएंगे कमाल, घर  से रूठ कर नहीं जाएंगी मां लक्ष्मी | margashirsha month 2022 do these upay  of shankh in arghan maah
श्री कृष्ण से संबंध: यह महीना भगवान श्री कृष्ण को प्रिय है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, अगहन मास में किसी भी शंख को भगवान कृष्ण के पांचजन्य शंख के समान मानकर पूजा करने से भक्त की समस्त इच्छाएं पूरी होती हैं.

समुद्र मंथन का रत्न: विष्णु पुराण के अनुसार, शंख समुद्र मंथन से प्राप्त हुए 14 रत्नों में से एक है. शंख में स्वयं तीर्थों का वास माना गया है, और इसका जल गंगाजल के समान पवित्र होता है.

लक्ष्मी प्राप्ति: शंख को माता लक्ष्मी का भाई माना जाता है, क्योंकि दोनों की उत्पत्ति समुद्र से हुई है. विशेष रूप से दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी का रूप कहा जाता है. मार्गशीर्ष में शंख पूजा से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है.

पितरों को मोक्ष: ऐसी मान्यता है कि मार्गशीर्ष माह में शंख से भगवान विष्णु का अभिषेक करने से व्यक्ति के पितरों को स्वर्ग लोक में स्थान मिलता है और वंश की वृद्धि होती है.

सकारात्मकता का संचार: शंख ध्वनि से घर का वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.

मार्गशीर्ष माह में है शंख पूजन का विशेष महत्व, जानिए सामग्री, मंत्र एवं पूजा  विधि। shankh pooja for home

शंख पूजन विधि एवं मंत्र
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल पर एक चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर शंख को रखें. शंख को कच्चे दूध और फिर जल से स्नान कराएं. स्वच्छ कपड़े से पोंछकर उसे चांदी या तांबे के पात्र में स्थापित करें. अब शंख पर केसर और दूध के मिश्रित घोल से ‘श्री’ एकाक्षरी मंत्र लिखें.घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं. कुमकुम, चावल, इत्र और सफेद पुष्प अर्पित करें. पूजा के बाद शंख में जल, पुष्प और अक्षत (चावल) भरकर भगवान विष्णु या शालिग्राम शिला को अर्घ्य दें. मार्गशीर्ष माह में शंख में दूध भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने से विशेष लाभ मिलता है. नैवेद्य का भोग लगाएं और पूजा संपन्न करें.

मार्गशीर्ष माह में धन लाभ के लिए उपाय

Margashirsha Shankh Puja: जानें मार्गशीर्ष माह में क्यों होती है शंख की पूजा ?
तिजोरी में मोती शंख: मोती शंख में साबूत चावल भरकर एक सफेद कपड़े में लपेटकर तिजोरी या धन स्थान पर रखने से बरकत होती है.

शंख दान: मार्गशीर्ष माह में किसी विष्णु मंदिर में शंख का दान करना बहुत ही लाभदायक माना जाता है, इससे आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं.

शंख में गंगाजल: दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल और केसर मिलाकर माता लक्ष्मी का अभिषेक करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.

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