kajri teej 2025 : कजरी तीज की पूजा इन चीजों के बिना है अधूरी? जानें पूरी सामग्री लिस्ट
कजरी तीज, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है. यह भाद्रपद (भादो) महीने के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. यह त्योहार मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं और अविवाहित कन्याओं के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए और कुंवारी लड़कियां मनचाहा वर पाने के लिए व्रत रखती हैं. पंचांग के अनुसार, इस बार कजरी तीज का व्रत 12 अगस्त 2025 को रखा जाएगा. इस व्रत की पूजा में कुछ खास चीजें बहुत ज़रूरी मानी जाती हैं, जिनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. आइए जानते हैं कजरी तीज की पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट के बारे में.

कजरी तीज के लिए पूजा की मुख्य सामग्री
भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर
नीमड़ी माता की तस्वीर या मूर्ति: कुछ जगहों पर नीमड़ी माता की पूजा भी होती है.
मिट्टी और गोबर: नीमड़ी माता की मूर्ति बनाने के लिए.
पूजा की चौकी या पाटा: जिस पर पूजा सामग्री रखी जाती है.
लाल या पीला कपड़ा: चौकी पर बिछाने के लिए.
कच्चा दूध और जल: पूजा और अर्घ्य के लिए.
दीपक, घी, कपूर: आरती और रोशनी के लिए.
शमी के पत्ते और बेलपत्र: भगवान शिव को अर्पित करने के लिए.
धतूरा और भांग: भगवान शिव को प्रिय है.
फूल, फल, मिठाई: खासकर सत्तू, नींबू, ककड़ी, केला और सेब.
पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद, मिश्री मिलाकर बनाया जाता है.
रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत (चावल): तिलक और पूजा के लिए.
दूर्वा घास और सुपारी: पूजा में इनका उपयोग शुभ माना जाता है.
सुहाग का सामान
कजरी तीज पर सुहागिन महिलाओं द्वारा 16 श्रृंगार का सामान माता पार्वती को चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है. इसमें शामिल हैं-
हरे रंग की साड़ी या चुनरी
बिंदी, सिंदूर, मेहंदी
चूड़ियां, काजल, कंघी
महावर, बिछुआ, दर्पण
इत्र और अन्य श्रृंगार की चीजें

व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही किया जाता है. इसके लिए आपको चाहिए-
एक लोटा जल
रोली, मौली, अक्षत
सत्तू और फल
चांदी की अंगूठी

