Janmashtami 2025: जन्माष्टमी के दिन भूल से भी लड्डू गोपाल की पूजा में न करें गलतियां, हो जाएंगे रुष्ट!

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 पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन भक्त लड्डू गोपाल का विशेष पूजन करते हैं, व्रत रखते हैं और रात 12 बजे जन्म आरती करके श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव मनाते हैं. मान्यता है कि अगर जन्माष्टमी के दिन श्रद्धा, भक्ति और सही विधि-विधान से पूजन किया जाए तो भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होकर घर-परिवार पर अपनी कृपा बरसाते हैं. लेकिन अगर पूजा में भूल या लापरवाही हो जाए तो इसका असर विपरीत भी हो सकता है. आइए जानते हैं जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की पूजा में किन गलतियों से बचना चाहिए.

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लड्डू गोपाल को स्वच्छता बहुत प्रिय है. उनकी पूजा से पहले अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें. खुद भी स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. गंदे हाथों से लड्डू गोपाल को स्पर्श न करें. उनकी मूर्ति को भी साफ पानी और गंगाजल से स्नान कराएं.

खंडित मूर्ति की पूजा न करें

यदि आपके लड्डू गोपाल की मूर्ति किसी भी तरह से खंडित हो गई है, तो उसकी पूजा बिल्कुल न करें. खंडित मूर्ति अशुभ मानी जाती है. ऐसी स्थिति में नई मूर्ति स्थापित करना ही उचित है.

तुलसी दल का महत्व

भगवान कृष्ण को तुलसी दल अति प्रिय है. उनकी पूजा में तुलसी दल अवश्य अर्पित करें. बिना तुलसी के उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है. ध्यान रखें कि तुलसी के पत्ते एकादशी, द्वादशी, रविवार और मंगलवार को न तोड़ें.

भोग में तामसिक भोजन का प्रयोग न करें

जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को सात्विक भोजन का ही भोग लगाएं. प्याज, लहसुन, तामसिक भोजन का भोग बिल्कुल न लगाएं. उन्हें माखन, मिश्री, पंचामृत, मेवा और फल का भोग लगाएं.

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भोग लगाते समय ध्यान रखें

भोग लगाते समय लड्डू गोपाल को प्रेम और श्रद्धा से भोग लगाएं. भोग लगाने के बाद उसे तुरंत हटा लें, ताकि वह बासी न हो जाए. भोग को बाद में प्रसाद के रूप में सभी को बांट दें.

पूजा के दौरान क्रोध और अपशब्दों का प्रयोग न करें

पूजा करते समय मन को शांत और एकाग्र रखें. किसी पर क्रोध न करें और न ही अपशब्दों का प्रयोग करें. भगवान को शांत मन से ही पूजा स्वीकार होती है.

काले और नीले रंग के वस्त्र न पहनाएं

लड्डू गोपाल को काले और नीले रंग के वस्त्र नहीं पहनाने चाहिए. इन रंगों को शुभ नहीं माना जाता है. उन्हें पीले, लाल, गुलाबी, नारंगी जैसे चमकीले और सुंदर रंग के वस्त्र पहनाएं.

एकांत और शांत जगह पर करें पूजा

लड्डू गोपाल की पूजा एक शांत और एकांत जगह पर करें, ताकि आपका मन एकाग्र हो सके. पूजा करते समय किसी से बात न करें.

पूजा के बाद मूर्ति को अकेला न छोड़ें

पूजा के बाद लड्डू गोपाल की मूर्ति को अकेला न छोड़ें. उन्हें अपने बच्चे की तरह ही प्यार और देखभाल दें. उन्हें झूले में झुलाएं और उनके साथ समय बिताएं.


 

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