Hariyali Teej Bhog: हरियाली तीज पर इन चीजों का लगाएं भोग, भोलेनाथ मनोकामना करेंगे पूरी!
सावन मास के शुक्ल पक्ष की आज तृतीया तिथि है. पूरे देश में हरियाली तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा है. इस पावन अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए भक्तिभाव के साथ-साथ सही भोग लगाना और मंत्र जाप करना बहुत ही खास माना जाता है. सात्विक और मनपसंद भोग अर्पित करने से भगवान आशुतोष शीघ्र प्रसन्न होते हैं. पूरी श्रद्धा से चढ़ाया गया मिष्ठान और मंत्रों की पावन ध्वनि से घर में सुख और समृद्धि आती है. श्रद्धालुओं के लिए सही नियम का पालन करते हुए पूजा संपन्न करना बहुत जरूरी होता है. नियमपूर्वक काम करने से जीवन में हमेशा शांति बनी रहती है.
माता पार्वती और भगवान शिव के प्रिय भोग
हरियाली तीज पर माता पार्वती और शिव जी को सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है. सावन और हरियाली तीज के पावन अवसर पर माता पार्वती को घेवर और देशी घी में बने मालपुए का भोग लगाना अत्यंत उत्तम माना जाता है. इसके साथ ही चावल की खीर या सूजी का हलवा बनाकर उसमें केसर और इलायची मिलाकर अर्पित करना चाहिए. इसके अलावा गाय के दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत तथा सावन के ताजा फल जैसे केला, अनार और आम चढ़ाना बहुत ही अच्छा माना जाता है. सही भाव से अर्पित की गई ये चीजें भगवान को बहुत प्रिय होती हैं. जो लोग नियमपूर्वक यह भोग लगाते हैं, उनके घर में धन-धान्य और समृद्धि बनी रहती है.
अखंड सौभाग्य और सुखी जीवन के लिए शक्तिशाली मंत्र
हरियाली तीज के दिन पूजा करते समय पावन मंत्रों का जाप करना बहुत ही फलदायी माना जाता है. अखंड सौभाग्य और सुखद दांपत्य जीवन पाने के लिए माता पार्वती के इस शक्तिशाली मंत्र का जाप करना चाहिए. यह मंत्र है: “देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्. रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥” इस पावन मंत्र का सच्चे मन से जाप करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है. पूजा के समय शांत मन से इस मंत्र का उच्चारण करने से घर का वातावरण बहुत ही पवित्र बनता है. जो सुहागिनें इस मंत्र का पूरे भाव से जाप करती हैं, उन्हें ईश्वर का पूरा आशीर्वाद मिलता है और दांपत्य जीवन में हमेशा प्रेम बना रहता है.
पूजा संपन्न करने और आशीर्वाद प्राप्त करने का नियम
हरियाली तीज के दिन दिए गए नियमों का पालन करते हुए ही पूरे पूजन का कार्य पूरा करना चाहिए. सच्चे मन से भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करने से मन को परम शांति मिलती है. भोग अर्पित करने और मंत्रों का जाप करने के बाद आरती उतारनी चाहिए. पूरे परिवार के साथ मिलकर यह पूजा संपन्न करने से घर में खुशहाली आती है. शास्त्रों में बताए गए इन नियमों का ध्यान रखकर की गई पूजा से जीवन की हर अड़चन समाप्त हो जाती है. जो भक्त इस पावन तिथि पर पूरी निष्ठा के साथ भोग लगाते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं, उन पर भगवान शिव और माता पार्वती की असीम कृपा हमेशा बनी रहती है.

