'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस समिट' पूर्वोत्तर के विकास की नई कहानी के तौर पर उभरा : संताना चकमा

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'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस समिट' पूर्वोत्तर के विकास की नई कहानी के तौर पर उभरा : संताना चकमा


'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस समिट' पूर्वोत्तर के विकास की नई कहानी के तौर पर उभरा : संताना चकमा


नई दिल्ली, 24 फरवरी (हि.स)। त्रिपुरा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संताना चकमा ने मंगलवार को कहा कि 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस समिट' राज्य की बड़ी इकोनॉमिक क्षमता और पूर्वोत्तर के नए विकास की कहानी को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेशक के सामने पेश करने के लिए एक शक्तिशाली प्लेटफॉर्म के तौर पर उभरा है।

संताना चकमा ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के तानसेन मार्ग में स्थित भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) में 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस समिट' को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह केवल एक बिजनेस समिट नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की अपार संभावनाओं, नवाचार और विकास की नई दिशा का सशक्त मंच था। संताना चकमा ने कहा कि देश-विदेश से आए सम्मानित निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के साथ संवाद एवं विचार-विमर्श करने का अवसर अत्यंत प्रेरणादायक रहा। त्रिपुरा राज्य में उभरते औद्योगिक अवसर, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, स्टार्टअप इकोसिस्टम, एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री, बांस उद्योग, पर्यटन, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की असीम संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई।

संताना चकमा ने कहा कि निवेशकों के साथ सकारात्मक संवाद, नए संबंधों की स्थापना और भविष्य की संभावनाओं को लेकर उत्साह ने इस अनुभव को और भी यादगार बना दिया। उन्होंने कहा कि आशा है कि ऐसे प्रयास भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को आत्मनिर्भरता, औद्योगिक समृद्धि और सतत विकास की दिशा में नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस समिट में त्रिपुरा के विकसित हो रहे औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, चल रही बुनियादी ढांचा पहल और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में उभरते अवसरों को प्रदर्शित किया गया। इस आयोजन ने राज्य सरकार और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच सार्थक जुड़ाव को सुगम बनाया, जिससे त्रिपुरा को एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया गया। समिट में विभिन्न क्षेत्रों में 2000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापन और आशय पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही एक विशेष राजदूत एवं उच्चायुक्त बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें राजनयिक समुदाय के सदस्यों और द्विपक्षीय चैंबर और व्यापार निकायों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

त्रिपुरा और पूर्वोत्तर क्षेत्र के साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने, व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश एवं सहयोग के नए क्षेत्रों का अन्वेषण करने पर चर्चा केंद्रित रही। इसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया और नीति पहल, क्षेत्र-विशिष्ट प्रोत्साहन और राज्य में लागू निवेश सुविधा तंत्र पर भागीदारों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ाव किया। इस अवसर पर जिंदल एडवाइजरी सर्विस के उपाध्यक्ष, वी आर शर्मा ने त्रिपुरा में निवेश के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उनकी कंपनी ने पहले ही 250 करोड़ रुपये का निवेश किया है और राज्य में और अधिक निवेश करने की योजना है।

उद्योग एवं वाणिज्य सचिव किरण गिट्टे ने सरकार के बहु-सेवा क्षेत्र उद्योगों और निवेशक-अनुकूल नीतियों पर जोर देते हुए कौशल मानव संसाधन, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, रबर और अन्य उभरते क्षेत्रों में अप्रयुक्त अवसरों का अन्वेषण करने के लिए व्यापार समुदाय से आग्रह किया। त्रिपुरा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य निदेशक डॉ. दीपक कुमार ने राज्य में विशाल अवसरों पर प्रकाश डालते हुए एक प्रस्तुति दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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