क्लीनमैक्स ने एंकर निवेशकों से 921 करोड़ जुटाए
मुंबई, 21 फरवरी (हि.स)। नवीकरणीय ऊर्जा समाधान प्रदाता क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) खुलने से पहले एंकर (प्रमुख) निवेशकों से 921 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एंकर निवेश दौर में टेमासेक होल्डिंग्स, नोमुरा एसेट मैनेजमेंट, एसबीआई लाइफ, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्प, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, एडीआईए, एसबीआई जनरल, प्रेमजी इन्वेस्ट और फ्रैंकलिन टेम्पलटन सहित विदेशी और घरेलू संस्थान शामिल हुए।
बीएसई के डेटा के मुताबिक इस दौर में घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 68 फीसदी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 32 फीसदी रही। क्लीनमैक्स ने निवेशकों को 1,053 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 87,46,437 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।
क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड का 3,100 करोड़ रुपये का आईपीओ निवेश के लिए 23 फरवरी को खुलेगा और 25 फरवरी को बंद होगा। कंपनी ने आईपीओ के लिए मूल्य का दायरा (प्राइस बैंड) 1,000–1,053 रुपये तय किया है।
1,000-1,053 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। ऊपरी मूल्य स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन 12,325 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
कंपनी के मुताबिक इस इश्यू में 1,200 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि प्रवर्तकों एवं मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 1,900 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) की जाएगी। निवेशक इसमें कम से कम 14 इक्विटी शेयरों के लिए और उसके बाद 14 इक्विटी शेयर्स के मल्टीपल में बिड कर सकते हैं।
कंपनी की योजना इस आईपीओ के जरिए 3,100 करोड़ रुपये जुटाने की है। क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड इस ताजा इश्यू से मिलने वाली 1,122.6 करोड़ रुपये की रकम का इस्तेमाल कंपनी या उनकी सब्सिडियरी कंपनियों के सभी या कुछ बकाया उधारों के कुछ हिस्से या पूरे रीपेमेंट या प्री-पेमेंट और आम कॉर्पोरेट कामों के लिए करेगी।
उल्लेखनीय है कि क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड एक वाणिज्यिक और औद्योगिक नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी है, जिसकी स्थापना वर्ष 2010 में मुंबई भारत में हुई थी। इस कंपनी की स्थापना कुलदीप जैन, प्रताप जैन और निधि जैन ने कॉर्पोरेट प्रमोटर बीजीटीएफ वन होल्डिंग्स लिमिटेड और केएमपीआईएनसी एलएलपी के साथ मिलकर की थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

