कमोडिटी मार्केट में बनी रही हलचल, सोना-चांदी की बढ़ी चमक, कच्चे तेल ने लगाया गोता
- साप्ताहिक कमोडिटी मार्केट समीक्षा
नई दिल्ली, 08 नवंबर (हि.स.)। घरेलू और वैश्विक दोनों ही मोर्चों पर कमोडिटी मार्केट के लिए 2 से 6 नवंबर तक का कारोबारी सप्ताह काफी हलचल वाला रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार (कमोडिटी एक्सचेंज इंक- कॉमेक्स) और घरेलू कमोडिटी मार्केट ( मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज- एमसीएक्स) पर पिछले कारोबारी सप्ताह में जहां सोने-चांदी की कीमतों में बंपर मजबूती देखी गई तो वहीं कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के भाव में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा बेस मेटल सेगमेंट में एल्यूमिनियम की चाल सुस्त बनी रही।
मध्य एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की बढ़ती उम्मीद और जियो-पॉलिटिकल अनसर्टेनिटी में आई कमी के चलते इस हफ्ते ग्लोबल एनर्जी मार्केट बड़ी गिरावट का गवाह बना। इस गिरावट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में साप्ताहिक आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की जोरदार कमी दर्ज की गई।
मध्य एशिया में विवाद का समाधान निकलने की उम्मीद के कारण कच्चे तेल के दोनों ग्लोबल बेंचमार्क में गिरावट दर्ज की गई। इनमें ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 100 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल कर 95.32 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक चला गया। इसी तरह अमेरिकी वैरिएंट वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी ओवरनाइट 8 प्रतिशत से अधिक की दैनिक फिसलन के साथ प्रति बैरल 88.05 डॉलर के स्तर तक फिसल गया। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट का घरेलू कमोडिटी बाजार पर सकारात्मक असर नजर आया।
इसके विपरीत, सर्राफा बाजार में धनतेरस और दिवाली की त्योहारी मांग के चलते सोने और चांदी की हाजिर खरीद (फिजिकल पर्चेजिंग) में जबरदस्त रौनक बनी रही। इसकी वजह से कमोडिटी एक्सचेंज पर 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,39,380 रुपये से लेकर 1,39,530 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपरी स्तर पर कारोबार करने के बाद बंद हुई। इसी तरह चांदी के भाव में भी मजबूती का रुख बना रहा। हालांकि सप्ताह के बीच में दबाव की स्थिति बनने के कारण यह चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में 1,99,900 रुपये प्रति किलोग्राम के पुराने रिकॉर्ड स्तर पर मजबूती से टिकी रही।
दूसरी ओर, बेस मेटल्स सेगमेंट में चीन की सुस्त मांग और विनिर्माण गतिविधियों की धीमी रफ्तार के चलते कॉपर के साथ-साथ एल्यूमिनियम के भाव में भी इस सप्ताह हल्की गिरावट दर्ज की गई। औद्योगिक मोर्चे पर वैश्विक उठापटक के कारण एल्यूमिनियम के अंतरराष्ट्रीय स्टॉक में हो रही बढ़ोतरी ने इसके घरेलू हाजिर भाव पर निरंतर दबाव बनाए रखा, जिससे मेटल सेगमेंट के कारोबारियों ने ऊपरी स्तरों पर सावधानी बरती।
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स के 101.90 के स्तर पर मजबूत होने के बावजूद सोने की सुरक्षित निवेश मांग (सेफ हेवन डिमांड) कमजोर नहीं पड़ी है। मध्य एशिया के हालातों पर नजर रख रहे बड़े संस्थागत खरीदारों ने कमोडिटी एक्सचेंज पर अपनी लॉन्ग पोजीशन बरकरार रखी है। इसके साथ ही घरेलू हाजिर बाजार में शादी के जल्द शुरू होने वाले आगामी सीजन को देखते हुए ज्वैलर्स की ओर से आ रही निरंतर मांग ने सोने की कीमतों को 1,39,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर मजबूती से टिकाए रखा है।
कैपेक्स गोल्ड एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ राजीव दत्ता का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत में आई जबरदस्त गिरावट और एल्यूमिनियम व कॉपर जैसी औद्योगिक धातुओं में चल रही सुस्ती से आने वाले दिनों में विनिर्माण क्षेत्र के लिए लागत घटने की उम्मीद है, जो लॉन्ग टर्म के लिए कमोडिटी सेंटिमेंट को एक नया आधार दे सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

