शुरुआती बढ़त के बाद क्यों गिरा घरेलू शेयर बाजार, विशेषज्ञों ने बताई पांच वजहें

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शुरुआती बढ़त के बाद क्यों गिरा घरेलू शेयर बाजार, विशेषज्ञों ने बताई पांच वजहें


शुरुआती बढ़त के बाद क्यों गिरा घरेलू शेयर बाजार, विशेषज्ञों ने बताई पांच वजहें


नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (हि.स.)। दलाल स्ट्रीट पर सोमवार का दिन निवेशकों के लिए भारी उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जहां शुरुआती जोश के बाद अचानक शुरू हुई बिकवाली के चक्रवात ने पूरे बाजार को अपनी चपेट में ले लिया। घरेलू शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही जो बढ़त बनाई थी, वह दिन चढ़ने के साथ ही ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

पूरे दिन के उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद बीएसई का सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 71,924.68 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 157.10 अंक यानी 0.70 प्रतिशत टूट कर 22,363.35 अंक के स्तर पर आ गया। दिलचस्प बात यह रही कि जहां बड़े शेयरों में हाहाकार मचा हुआ था, वहीं स्मॉल-कैप यानी छोटी कंपनियों के सूचकांकों ने विपरीत दिशा में दौड़ लगाते हुए 1.42 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।

बाजार के जानकारों का मानना है कि सोमवार को आई इस गिरावट के पीछे पांच बड़ी वजहों को जिम्मेदार माना जा सकता है। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बाजार में आई तेजी के बाद आज निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर जम कर मुनाफा वसूली की। पिछले सत्र में निफ्टी जिस 22,520 के स्तर पर बंद हुआ था। आज बिकवाली का दबाव ऐसा बना कि निफ्टी एक बार फिसल कर 22,350 अंक के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से भी नीचे फिसल गया।

धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के अनुसार विभिन्न सेक्टरों की बात करें तो सोमवार को सबसे ज्यादा मार सरकारी बैंकों पर पड़ी। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स भारी दबाव में दिखा, जहां देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के साथ-साथ पीएनबी और केनरा बैंक के शेयरों में एक से दो प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को भारती एयरटेल और एनटीपीसी जैसे बड़े दिग्गजों की कमजोरी ने नीचे धकेल दिया। फार्मा सेक्टर में हालांकि डॉ. रेड्डीज और सिप्ला ने बाजार को संभालने की मामूली कोशिश की, लेकिन बाकी फार्मा शेयरों में लाल निशान हावी रहा।

टेक्निकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाजार में दोबारा जान फूंकने के लिए निफ्टी का 22,600 से 22,650 के दायरे के ऊपर टिकना बहुत जरूरी था। लेकिन जिस तरह से निफ्टी इस स्तर के नीचे ही घूम रहा है, उससे इस बात का पता चलता है कि निफ्टी फिलहाल 22,200 से 22,600 के दायरे में ही कुछ समय तक घूमता रहेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल निफ्टी के लिए 22,300 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट है। अगर बाजार इस स्तर से भी नीचे गया, तो आने वाले दिनों में बिकवाली का दबाव और गहरा सकता है, जो निफ्टी को 22,150 से लेकर 21,750 के निचले स्तरों तक खींच ले जाएगा।

जानकारों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार की गिरावट को हवा देने का काम विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार जारी बिकवाली ने भी किया। विदेशी निवेशक लगातार 11 दिनों से भारतीय बाजार से अपना पैसा समेटने में लगे हुए हैं। पिछले सत्र में भी उन्होंने 3,568 करोड़ रुपये के शेयर बाजार में बेच डाले। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,743 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की पूरी कोशिश की, लेकिन विदेशी पैसों की निकासी का दबाव घरेलू खरीदारी पर भारी पड़ गया।

इसी तरह वैश्विक मोर्चे पर, अमेरिका और ईरान के बीच गहराते जियो-पॉलिटिकल टेंशन ने आग में घी का काम किया है, जिससे डॉलर इंडेक्स अपने 18 महीने के उच्चतम स्तर 102.5 के पास पहुंच गया है। मजबूत होते डॉलर के कारण विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से अपना पैसा निकाल कर सुरक्षित अमेरिकी संपत्तियों में लगा रहे हैं, जिससे भारतीय रुपया और शेयर बाजार दोनों ही पस्त नजर आ रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Livevns.news Desk
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