बड़ी गिरावट का शिकार हुए घरेलू शेयर बाजार के पीछे की जानिए क्या थी वजह
नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स.)। लगातार पांच कारोबारी दिन तक मजबूती के साथ बंद होने वाले घरेलू शेयर बाजार की आज हुई बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से कई कारण रहे। आज की इस जोरदार गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में सीजफायर को लेकर बनी अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमत में आया उछाल, रुपये की कीमत में गिरावट और प्रॉफिट बुकिंग रही। इसके अलावा मार्केट एक्सपर्ट्स कमजोर ग्लोबल सेंटीमेंट्स, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) में आई तेजी को भी शेयर बाजार की गिरावट की वजहों में गिना जा रहा है।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स 1,251 अंक तक टूट गया। निफ्टी ने भी 314.55 अंक तक गोता लगाया। हालांकि, अंत में हुई मामूली खरीदारी एक कारण ये दोनों सूचकांक निचले स्तर से कुछ रिकवरी करने में सफल रहे। घरेलू शेयर बाजार की गिरावट की एक बड़ी वजह मुनाफा वसूली भी रही। घरेलू बाजार पिछले लगातार पांच कारोबारी दिन से बढ़त हासिल कर बंद हो रहा था। खासकर, बुधवार के कारोबार में शेयर बाजार लगभग चार प्रतिशत तक उछल गया था। ऐसे में निवेशकों ने आज घरेलू शेयर बाजार में जम कर बिकवाली कर मुनाफा वसूली की। इसकी वजह से भी बाजार आज दबाव में आ गया।
इसी तरह आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भी आज लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी का आईटी इंडेक्स 1.3 प्रतिशत तक गिर गया था। हालांकि बाद में ये इंडेक्स भी निचले स्तर से रिकवरी कर बंद हुआ। घरेलू बाजार में बैंकिंग शेयरों में भी आज लगातार बिकवाली होती रही। इस वजह से भी घरेलू बाजार में लगातार बिकवाली का माहौल बना रहा।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से हो रही बिकवाली आज भी लगातार जारी रही। सीजफायर को लेकर बने सस्पेंस के बीच अपना पैसा सुरक्षित निकालने की कोशिश में विदेशी निवेशक आज लगातार बिकवाली करते रहे। इसके साथ ही बाजार की अस्थिरता का अनुमान लगाने वाला इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) आज बढ़कर 20.29 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया वीआईएक्स में आई तेजी ने भी मार्केट सेंटीमेंट्स पर नकारात्मक असर डाला।
धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के अनुसार अमेरिका और इजरायल तथा ईरान के बीच सीजफायर को लेकर बनी अनिश्चितता ने एक बार फिर दुनिया भर के ज्यादातर बाजार में डर का माहौल बना दिया है। सीजफायर की चर्चा के बीच ही इजरायल ने लेबनान पर जोरदार हमला कर ईरान को और भड़का दिया। वहीं अमेरिका ने भी ईरान की शर्तों को बेतुका और बचकाना बता दिया। इसके बाद दुनिया भर के निवेशक सीजफायर को लेकर असमंजस की स्थिति में पड़ गए। निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए आज बाजार से अपना पैसा निकालने में ही भलाई समझी।
इसी तरह सीजफायर को लेकर बने सस्पेंस और ईरान द्वारा एक बार फिर हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद कर देने का ऐलान करने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में अचानक उछाल आ गया। ब्रेंट क्रूड 98.85 डॉलर प्रति बैरल तक उछल गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने भी 99.69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक छलांग लगाई। कच्चे तेल की कीमत में आई इस जोरदार तेजी ने भी मार्केट सेंटीमेंट पर नेगेटिव असर डाला।
प्रशांत धामी के अनुसार आज के कारोबार में रुपये पर भी दबाव बढ़ गया। कच्चे तेल की कीमत में उछाल आने के कारण डॉलर की मांग में तेजी आ गई, जिससे भारतीय मुद्रा 92.94 रुपये प्रति डॉलर के स्तर तक गिर गई। हालांकि बाद में इसकी स्थिति में सुधार हुआ। इस सुधार के बावजूद रुपया डॉलर की तुलना में कमजोरी के साथ ही कारोबार करता रहा।
कैपेक्स गोल्ड एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ राजीव दत्ता का इस संबंध में कहना है कि पश्चिम एशिया में सीजफायर टलने की आशंका ने ग्लोबल सेंटीमेंट्स पर काफी निगेटिव असर डाला। खासकर, एशियाई बाजार में बड़ी गिरावट आ गई। कोस्पी इंडेक्स, हैंग सेंग इंडेक्स, स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स आज लगातार लाल निशान में कारोबार करते रहे। इसका असर गिफ्ट निफ्टी और भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

