शेयर बाजार में दिन भर होता रहा जोरदार उतार-चढ़ाव, जानिए क्या थी इसकी वजह

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शेयर बाजार में दिन भर होता रहा जोरदार उतार-चढ़ाव, जानिए क्या थी इसकी वजह


नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार के आज के कारोबार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव होता रहा। बाजार में आज हुए इस जोरदार उतार चढ़ाव के लिए मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में जारी जंग की स्थिति को लेकर अमेरिका और ईरान की ओर से अलग-अलग तरह के आ रहे बयान और इसकी वजह से बनी अनिश्चितता की स्थिति तथा कच्चे तेल की कीमत में लगातार जारी उतार-चढ़ाव को माना जा रहा है।

आज के कारोबार की शुरुआत ही लगभग दो प्रतिशत की तेजी के साथ हुई थी, लेकिन शुरुआती 15 मिनट के कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में बड़ी गिरावट आ गई। सेंसेक्स ओपनिंग लेवल से करीब 900 अंक लुढ़क गया और निफ्टी भी ओपनिंग लेवल से 130 अंक से अधिक टूट गया। इसके बाद खरीदारों ने एक बार फिर लिवाली का जोर बनाया, जिससे बाजार की स्थिति सुधरती हुई नजर आई, लेकिन यह तेजी भी अधिक देर तक टिक नहीं सकी।

कुछ देर तक रिकवरी होने के बाद दोबारा बिकवाली का दबाव बन गया, जिससे सेंसेक्स ओपनिंग लेवल से 1,120 अंक से अधिक टूट गया। इसी तरह निफ्टी भी ओपनिंग लेवल से 250 अंक से अधिक लुढ़क गया। दिन के दूसरे सत्र में खरीदारों ने एक बार फिर लिवाली का जोर बनाया, जिससे सेंसेक्स 1,793 अंक उछल गया। इसी तरह निफ्टी 544 अंक की छलांग लगाने में सफल रहा।

खुराना सिक्योरिटीज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ रवि चंदर खुराना का कहना है कि आज के कारोबार की शुरुआत अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग में नरमी आने की उम्मीद को लेकर नए उत्साह के साथ हुई थी। एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले को पांच दिन टालने की बात कही थी। साथ ही ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत के संकेत भी दिए थे। डोनाल्ड ट्रंप के इस संकेत की वजह से दुनिया भर के शेयर बाजार में उत्साह का माहौल बन गया था। इसीलिए भारतीय बाजार ने भी आज लगभग दो प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। हालांकि, यह तेजी टिक नहीं सकी, क्योंकि ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की संभावना को से इनकार कर दिया। ईरान की ओर से यह भी कहा गया की जब तक अमेरिका ईरान की सभी शर्तों को नहीं मान लेगा तब तक जंग जारी रहेगी।

इसके अलावा रिपोर्ट्स में ये बात भी सामने आई कि एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला होने की स्थिति में संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब भी खुलकर इस जंग में शामिल हो सकते हैं। इस खबर से भी निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसका परिणाम शेयर बाजार में शुरुआती डेढ़ घंटे के कारोबार के दौरान ऊपरी स्तर से आई गिरावट के रूप में नजर आया।

रवि चंदर खुराना के अनुसार कच्चे तेल की कीमत में उतार-चढ़ाव होने की वजह से भी शेयर बाजार पर काफी नकारात्मक असर पड़ा। सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं करने का ऐलान करने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में 10 प्रतिशत से अधिक के गिरावट दर्ज की गई थी।

कच्चे तेल की कीमत घटने की वजह से भी आज शेयर बाजार में जोरदार मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की थी, लेकिन ईरान द्वारा ट्रंप की बातों को खारिज कर दिए जाने के कारण आज कच्चे तेल की कीमत में चार प्रतिशत तक की तेजी आ गई। अपनी जरूरत के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भर करने वाले भारत जैसे देश के लिए कच्चे तेल की कीमत में होने वाला उतार-चढ़ाव हमेशा ही चिंता का विषय होता है। यही कारण है कि जोरदार मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत करने के बावजूद शेयर बाजार की तेजी टिक नहीं सकी।

टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव के अनुसार अमेरिका और ईरान की ओर से जंग को लेकर आ रहे अलग-अलग तरह के बयानों की वजह से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता की स्थिति बन गई। इसी अनिश्चितता के कारण घरेलू शेयर बाजार शानदार शुरुआत करने के बावजूद ऊपरी स्तर से तेजी से लुढ़कता हुआ नजर आया। हालांकि दिन के दूसरे सत्र में स्थिति एक बार फिर बदल गई।

तारकेश्वर नाथ वैष्णव के अनुसार दोपहर में ईरान की ओर से अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए तैयार होने का संकेत मिलने पर एक बार फिर उत्साह का माहौल बनने लगा। मीडिया रिपोर्ट पर बताया गया कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अमेरिका और ईरान के बीच बैक चैनल बातचीत शुरुआती दौर से आगे बढ़ चुकी है। इस खबर ने शेयर बाजार में एक बार फिर उत्साह का माहौल बना दिया, जिससे निफ्टी और सेंसेक्स दोनों सूचकांकों की चाल में दोबारा जोरदार तेजी आ गई। सेंसेक्स 1,793 अंक तक उछल गया और निफ्टी 544.65 अंक की मजबूती हासिल करने में सफल रहा।

इस ऊंचाई पर पहुंचने के बाद शेयर बाजार में एक बार फिर बिकवाली का दबाव बना, जिसके कारण सेंसेक्स ऊपरी स्तर से 420 अंक से अधिक फिसल कर बंद हुआ, जबकि निफ्टी ऊपरी स्तर से करीब 145 अंक लुढ़क कर बंद हुआ। तारकेश्वर नाथ वैष्णव का मानना है कि कारोबार के आखिरी वक्त में आई गिरावट के लिए आम कारोबार में होने वाली सामान्य मुनाफा वसूली को ही जिम्मेदार माना जा सकता है। इसके लिए कोई ग्लोबल फैक्टर जिम्मेदार नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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