आईटीडीएफसी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कजान में 'टाइम बिजनेस फोरम' में भारत-रूस व्यापारिक संबंधों को मजबूत किया

WhatsApp Channel Join Now
आईटीडीएफसी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कजान में 'टाइम बिजनेस फोरम' में भारत-रूस व्यापारिक संबंधों को मजबूत किया






नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं प्रतिनिधिमंडल महासंघ (आईटीडीएफसी) के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) बेन्सी जॉर्ज के नेतृत्व में एक भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने रूस के तातारस्तान गणराज्य के कजान में आयोजित 'टाइम बिजनेस फोरम' में हिस्सा लिया।

आईटीडीएफसी के मुख्य परिचालन अधिकारी बेन्सी जॉर्ज ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत-रूस आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना, सीमा-पार व्यापार के अवसरों की तलाश करना और भारतीय तथा रूसी हितधारकों के बीच एक मजबूत संबंध को स्थापित करना था।

उन्होंने कहा कि इस प्रतिनिधिमंडल में व्यापार और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां शामिल थीं, जिनमें दिल्ली विधानसभा (एनसीटी दिल्ली सरकार) के सदस्य हरीश खुराना, आईबस के सुभाष वासुदेवन, चिनार मैनपावर के अब्राहम मैथ्यू, रेंगिथ मोहन और अन्य भारतीय व्यापार प्रतिनिधि शामिल थे।

बेन्सी जॉर्ज ने कहा कि रूस के तातारस्तान गणतंत्र की राजधानी काजान में आयोजित इस बिजनेस फोरम में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक साझेदारियों को बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता और मजबूत करने के लिए उनकी भागीदारी यह दर्शाती है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए सार्वजनिक नेतृत्व, उद्योग जगत और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क को आपस में जोड़ना कितना महत्वपूर्ण है।

भारत-रूस व्यापार और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना

जॉर्ज ने कहा कि पूर्ण सत्र (प्लेनरी सेशन) के दौरान हरीश खुराना ने भारत-रूस व्यापार संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने द्विपक्षीय आर्थिक विकास के नए अवसर को खोलने के लिए गहरे व्यावसायिक जुड़ाव, संस्थागत सहयोग और निरंतर बातचीत पर जोर दिया। तातारस्तान इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट एजेंसी (टीआईडीए) की प्रमुख सुश्री तालिया मिनुलिना ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार सहयोग और इसमें शामिल पक्षों के बीच मजबूत साझेदारी पर हुई चर्चाओं में अपना योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि इस मंच ने व्यापार का विस्तार करने, निवेश को सुविधाजनक बनाने और व्यवसायों तथा संस्थानों के बीच सीधे जुड़ाव को बढ़ावा देने के रास्ते तलाशने के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म प्रदान किया। वहीं, चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि साझा आर्थिक हितों को सहयोग के व्यावहारिक अवसरों में बदलने में अंतरराष्ट्रीय मंच कितने महत्वपूर्ण होते हैं।

आईटीडीएफसी नेतृत्व का दृष्टिकोण

इस जुड़ाव पर टिप्पणी करते हुए आईटीडीएफसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सैयद अरीश हुसैन ने भारत की वैश्विक व्यापार साझेदारियों को मजबूत करने और 'विकसित भारत' के विजन को आगे बढ़ाने के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराया। 'विकसित भारत' का यह विजन नवाचार, समावेशी विकास, वैश्विक साझेदारियों और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अधिक मजबूत भागीदारी पर आधारित है।

केरल-तातारस्तान क्षेत्रीय साझेदारी पर विशेष ध्यान

इस जुड़ाव का एक मुख्य पहलू केरल और तातारस्तान के बीच आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार करना था। चर्चाओं में केरल की व्यावसायिक खूबियों, व्यापार की संभावनाओं और निवेश के अवसरों पर जोर दिया गया। इस पहल का उद्देश्य केरल और तातारस्तान गणराज्य के बीच उद्यमों को जोड़ने, व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देने और आपसी लाभ वाले सहयोग को विकसित करने के रास्ते तलाशना था।

इस तरह की क्षेत्रीय साझेदारियां भारत-रूस के व्यापक आर्थिक संबंधों को और मजबूत कर सकती हैं। इससे व्यवसायों को नए बाजारों की पहचान करने, संस्थागत संबंध विकसित करने और विशिष्ट क्षेत्रों में सहयोग तलाशने के अवसर मिलते हैं।

संवाद से व्यावसायिक अवसरों तक

मुख्य चर्चाओं के अलावा भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने बी2बी बैठकों, पेशेवर आदान-प्रदान, दौरों और विभिन्न संस्थानों के भ्रमण में हिस्सा लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से हितधारकों के साथ सीधी बातचीत हुई, संभावित व्यावसायिक साझेदारियों की तलाश की गई, और भविष्य में सहयोग के लिए नए क्षेत्रों की पहचान की गई।

प्रतिनिधिमंडल की इस भागीदारी ने व्यापार कूटनीति के एक मुख्य उद्देश्य को रेखांकित किया: व्यवसायों, संस्थानों और जन-प्रतिनिधियों के बीच ऐसे सार्थक संबंध बनाना, जो भविष्य में निरंतर व्यावसायिक जुड़ाव का मार्ग प्रशस्त कर सकें।

वैश्विक व्यापार कूटनीति के प्रति आईटीडीएफसी की प्रतिबद्धता

टाइम बिजनेस फोरम में भागीदारी, रणनीतिक व्यापार प्रतिनिधिमंडलों, व्यापार कूटनीति, संस्थागत साझेदारियों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ भारत के आर्थिक जुड़ाव को आगे बढ़ाने की ITDFC की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

भारतीय व्यवसायों और विदेशी हितधारकों के बीच सीधे संवाद के लिए मंच तैयार करके आईटीडीएफसी का उद्देश्य बाजार तक पहुंच आसान बनाना, निवेश को प्रोत्साहित करना, व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देना और दीर्घकालिक आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।

यह संगठन लगातार ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसर तलाशता रहता है, जो भारतीय उद्यमों को उभरते बाजारों से जोड़ सकें और वैश्विक व्यावसायिक परिवेश में उनकी भागीदारी को मजबूत कर सकें।

आगामी अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक गतिविधियां

आने वाले महीनों में आईटीडीएफसी के पोलैंड और दक्षिण अफ्रीका में व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करने की उम्मीद है। साथ ही, संबंधित कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं के आधार पर, इसके स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाली 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' की वार्षिक बैठक में भी भाग लेने की संभावना है। इन प्रस्तावित गतिविधियों का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय व्यापार साझेदारियों का विस्तार करना, निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना, व्यवसायों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना और रणनीतिक व्यापार कूटनीति के माध्यम से वैश्विक आर्थिक क्षेत्र में भारत की भागीदारी को आगे बढ़ाना है।

इन नियोजित पहलों के ज़रिए आईटीडीएफसी अपनी अंतर्राष्ट्रीय पहुंच का विस्तार करना चाहता है। इसका लक्ष्य भारतीय व्यवसायों के लिए वैश्विक बाज़ारों से जुड़ने, नई साझेदारियाँ तलाशने और आपसी लाभ वाले व्यावसायिक संबंध विकसित करने के और अधिक अवसर पैदा करना है।

कज़ान में होने वाली यह गतिविधि, भारतीय व्यवसायों को अंतर्राष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने और वैश्विक व्यापार में 'साझेदारी-आधारित दृष्टिकोण' को बढ़ावा देने के आईटीडीएफसी के व्यापक मिशन की दिशा में एक और कदम है। रणनीतिक प्रतिनिधिमंडलों, संस्थागत सहयोग और व्यावसायिक कूटनीति के माध्यम से, आईटीडीएफसी विभिन्न बाज़ारों के बीच सेतु बनाने, निवेश के रास्ते तैयार करने और दुनिया भर में भारत की आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

769537 Articles

Share this story