आरबीआई अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से जारी करेगा प्लास्टिक के नोट: मल्होत्रा

WhatsApp Channel Join Now
आरबीआई अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से जारी करेगा प्लास्टिक के नोट: मल्होत्रा


आरबीआई अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से जारी करेगा प्लास्टिक के नोट: मल्होत्रा


मुंबई, 05 अगस्त (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि रिजर्व बैंक वित्त वर्ष 2027-28 की शुरुआत में पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है। ये नोट खासतौर पर कम मूल्य वर्ग के नोटों के लिए उपयोगी होंगे, क्योंकि इनका उपयोग और चलन अधिक होता है।

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद यहां प्रेस कांफ्रेंस को सबोधित करते कहा कि केंद्रीय बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 की शुरुआत में प्लास्टिक के नोट जारी करना है, बशर्ते अभी चल रहे फील्ड ट्रायल सफल हों। मल्होत्रा ने कहा कि कुछ देशों में पॉलिमर नोट का 30 साल से अधिक समय तक चलने का रिकॉर्ड हैं। उन्होंने कहा कि अगर सभी योजनाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती हैं तो हमारा लक्ष्य है कि ये नोट अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में चलन में आ जाएं।

आरबीआई गवर्नर के अनुसार पॉलिमर नोटों के लिए जरूरी विशेष सामग्री की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। इसके बाद गुणवत्ता परीक्षण, सुरक्षा मानकों की जांच और विभिन्न तकनीकी स्वीकृतियां ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में कई स्तर के परीक्षण और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर शामिल होंगे। संजय मल्होत्रा ने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इन नोटों को बाजार में उतारा जाएगा। यदि योजना के मुताबिक काम आगे बढ़ा, तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में इन नोटों को आम जनता के लिए जारी किया जा सकता है।

मल्होत्रा ने रुपये की मजबूती को लेकर कहा कि विदेशी पूंजी प्रवाह अधिक होने के बावजूद रुपये में अपेक्षित तेजी नहीं आई है। उन्होंने बताया कि यदि वैश्विक तनाव कम होते हैं तो रुपये में और मजबूती संभव है। मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई का यह प्रयास होगा कि रुपये की गति व्यवस्थित और स्थिर बनी रहे।

पॉलिमर नोट एक विशेष प्रकार के प्लास्टिक जैसे सिंथेटिक पदार्थ से बनाया जाता है। इसमें एक मजबूत और लचीली प्लास्टिक फिल्म का इस्तेमाल होता है, जिस पर नोट की छपाई की जाती है। ये नोट कागजी नोट की तुलना में अधिक टिकाऊ होंगे और जल्दी खराब नहीं होंगे।

सरकार आरबीआई को 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर नोट जारी करने की अनुमति दे चुकी है। शुरुआती चरण में लगभग दो अरब प्लास्टिक नोट पायलट प्रोजेक्ट के तहत छापे जाएंगे। इनका सीमित स्तर पर परीक्षण किया जाएगा, ताकि उनकी गुणवत्ता, टिकाऊपन और आम लोगों की प्रतिक्रिया का आकलन किया जा सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Share this story