रक्षाबंधन पर देशभर में 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने की संभावना : खंडेलवाल

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रक्षाबंधन पर देशभर में 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने की संभावना : खंडेलवाल


रक्षाबंधन पर देशभर में 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने की संभावना : खंडेलवाल


- देशभर के बाजारों में रौनक, ‘विकसित भारत’, ‘मोदी गारंटी’ और ‘ब्रह्मोस’ राखियां बनीं पहली पसंद

नई दिल्ली, 25 अगस्त (हि.स.)। देशभर में रक्षाबंधन त्योहार के अवसर पर इस बार 30 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। इसमें से अकेले राखी का कारोबार 25 हजार करोड़ रुपये का पहुंचने का अनुमान है।

सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने मंगलवार को प्रेस कांफेंस में कहा कि रक्षाबंधन पर्व में अब केवल 4 दिन शेष रहने के साथ ही दिल्ली सहित देशभर के बाजारों में खरीदारी अपने चरम पर पहुंच गई है। दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, लाजपत नगर, कमला नगर, राजौरी गार्डन, गांधी नगर, खारी बावली, लक्ष्मी नगर तथा विभिन्न स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। शाम के समय बाजारों में विशेष रौनक है और व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष रक्षाबंधन का उत्साह पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक दिखाई दे रहा है।

इसी क्रम में आज प्रवीन खंडेलवाल के कार्यालय में महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों तथा कारीगरों ने देशभक्ति एवं राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरित विशेष थीम पर आधारित राखियों के निर्माण का लाइव प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर महिला कारीगरों ने अपने हाथों से तैयार अनूठी राखियों का प्रदर्शन भी किया। खंडेलवाल ने कहा कि इस वर्ष विशेष रूप से ‘विकसित भारत राखी’, ‘मोदी गारंटी राखी’, ‘ब्रह्मोस राखी’, ‘नारी वंदन राखी’, ‘आत्मनिर्भर भारत राखी’, ‘वोकल फॉर लोकल राखी’, ‘भारत गौरव राखी’, ‘लखपति दीदी राखी’, ‘नमामि गंगे राखी’, ‘राष्ट्र रक्षा सूत्र राखी’ और ‘अमृतकाल राखी’ की मांग लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि युवाओं और बच्चों में विशेष रूप से ‘ब्रह्मोस राखी’, ‘राष्ट्र रक्षा सूत्र राखी’ और ‘विकसित भारत राखी’ को लेकर असाधारण उत्साह देखा जा रहा है। महिलाओं के बीच ‘नारी वंदन राखी’ तथा ‘लखपति दीदी राखी’ विशेष लोकप्रिय हो रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही हैं। खंडेलवाल ने कहा कि कैट को देशभर के व्यापारिक संगठनों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार इस वर्ष रक्षाबंधन पर केवल राखियों का कारोबार लगभग 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि अकेले दिल्ली में यह कारोबार 4 हजार करोड़ रुपये के आसपास रहने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि यदि उपहार, मिठाइयों, परिधानों, इलेक्ट्रॉनिक्स, सजावटी वस्तुओं, ड्राई फ्रूट्स, पूजा सामग्री और अन्य त्योहारी उत्पादों को भी शामिल किया जाए तो रक्षाबंधन से संबंधित कुल व्यापार 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। इस वर्ष बाजारों में उपहार पैकेज, चॉकलेट हैम्पर, ड्राई फ्रूट गिफ्ट बॉक्स, हस्तशिल्प उत्पाद, एथनिक परिधान और पारंपरिक मिठाइयों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की मौजूदगी के बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ता स्थानीय बाजारों में जाकर खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं, जिससे बाजारों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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