ईमानदार करदाताओं को सहूलियत दें, कर चोरी पर सख्ती करें: वित्त मंत्री सीतारमण

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ईमानदार करदाताओं को सहूलियत दें, कर चोरी पर सख्ती करें: वित्त मंत्री सीतारमण


ईमानदार करदाताओं को सहूलियत दें, कर चोरी पर सख्ती करें: वित्त मंत्री सीतारमण


नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आयकर अधिकारियों से ईमानदार करदाताओं को सहूलियत देने और कर चोरी के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने को कहा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने नई दिल्ली में 167वें आयकर दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “कर निर्धारण में निश्चितता अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है।” इससे पहले इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पारंपरिक दीप प्रज्वलित किया। वहीं, विभाग के अधिकारियों द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी।

167वें आयकर दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने आयककर अधिकारियों को संवेदनशील होने की सलाह देते हुए कहा कि जानबूझकर कर चोरी करने वालों व अनजाने में गलती करने वालों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाना चाहिए। वित्त मंत्री ने आयकर विभाग के लिए पहचान, प्रतिक्रिया, निवारण, आत्ममंथन और सुधार के रूप में 5 प्राथमिकताएं भी बताईं।

वित्त मंत्री ने अधिकारियों को कहा, ‘कर कानून से मिले अधिकारों का उपयोग विनम्रता के साथ करें और कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरूस्त बनाए रखें।’ उन्होंने कहा कि पिछले साल, मैंने इस बात पर जोर दिया था कि एक आधुनिक टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन के लिए न केवल आधुनिक कानूनों और टेक्नोलॉजी की जरूरत होती है, बल्कि आधुनिक वर्कप्लेस, अच्छी सुविधाओं वाले ऑफिस और प्रेरित वर्कफोर्स की भी ज़रूरत होती है।

सीतारमण ने कहा कि मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि डिपार्टमेंट ने पिछले साल इन प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में लगातार प्रगति की है। उन्होंने बताया कि मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, नोएडा और अन्य जगहों पर नए ऑफिस कॉम्प्लेक्स और आधुनिकीकरण के प्रोजेक्ट्स में अच्छी प्रगति हुई है। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय और कल्याणकारी सुविधाओं में लगातार निवेश किया गया है।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि 2 दिन बाद मैं मुंबई में नए 'आयकर सिंधु' ऑफिस कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करूंगी, जो वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। जैसे-जैसे हम विश्व-स्तरीय बुनियादी ढांचे में निवेश कर रहे हैं, हमें अपने अधिकारियों के ज्ञान, कौशल और नेतृत्व क्षमताओं को विकसित करने में भी उतनी ही प्रतिबद्धता के साथ निवेश करना चाहिए।

सीतारमण ने कहा कि मैं एआई, डेटा एनालिटिक्स, फोरेंसिक अकाउंटिंग, अंतरराष्ट्रीय कराधान, ट्रांसफर प्राइसिंग, डिजिटल एसेट्स, साइबर सुरक्षा और एडवांस्ड फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन जैसे क्षेत्रों में बेहतर विशेष प्रशिक्षण को बढ़ावा देना चाहूंगी। उन्होंने कहा कि हमारे अधिकारियों को व्यवस्थित नेतृत्व विकास का नियमित प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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