पीएमईजीपी से 36.33 लाख लोगों के रोजगार का सृजन : सरकार

WhatsApp Channel Join Now
पीएमईजीपी से 36.33 लाख लोगों के रोजगार का सृजन : सरकार


नई दिल्ली, 07 मई (हि.स)। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ने 15वें वित्त आयोग के चक्र वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के दौरान चार लाख से अधिक सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना में सहायता की। साथ ही लगभग 36.33 लाख लोगों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित किए हैं, जिसे खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के माध्यम से लागू किया गया है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में यह जानकारी दी है। आधिकारिक बयान के अनुसार इस योजना ने संभावित उद्यमियों को बैंक ऋणों पर 'मार्जिन मनी' सब्सिडी के माध्यम से गैर-कृषि क्षेत्र में नए सूक्ष्म-उद्यम स्थापित करने में सहायता प्रदान की, जिसका मुख्य ज़ोर स्वरोज़गार सृजन और ग्रामीण आजीविका पर था।

पीएमईजीपी:-15वें वित्त आयोग के कार्यकाल के दौरान सशक्त प्रदर्शन

मंत्रालय ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के कार्यकाल (वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26) के दौरान, पीएमईजीपी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है जो देश के सूक्ष्म उद्यम परितंत्र को मजबूत करने में इसके योगदान की पुष्टि करता है। इस योजना ने 13,554.42 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजटीय आवंटन का पूर्ण उपयोग किया और 4,03,706 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना को सुगम बनाया, जो 4,02,000 उद्यमों के लक्ष्य से कहीं अधिक है। यह उपलब्धि प्रभावी कार्यान्वयन और उद्यमिता-आधारित पहलों की निरंतर मांग को दर्शाती है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम ने लगभग 36.33 लाख लोगों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर भी पैदा किए, जिससे देशभर में आजीविका सृजन और जमीनी स्तर पर आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिला। पीएमईजीपी योजना कृषि क्षेत्र से इतर नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों को बैंक ऋण पर मार्जिन मनी (एमएम) सब्सिडी प्रदान करके सहायता करती है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करना और विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्रों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका को बढ़ावा देना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Share this story