पश्चिम एशिया संकट से निपटने में निर्यातकों की मदद के लिए हरसंभव नीतिगत कदम उठाएंगे: पीयूष गोयल

WhatsApp Channel Join Now
पश्चिम एशिया संकट से निपटने में निर्यातकों की मदद के लिए हरसंभव नीतिगत कदम उठाएंगे: पीयूष गोयल


पश्चिम एशिया संकट से निपटने में निर्यातकों की मदद के लिए हरसंभव नीतिगत कदम उठाएंगे: पीयूष गोयल


नई दिल्ली, 06 मार्च (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा पश्चिम एशिया संकट से निपटने में सरकार घरेलू निर्यातकों की मदद के लिए सभी नीतिगत और सहायक उपायों का इस्तेमाल करेगी। सरकार ने रोजाना इन मामलों पर गौर करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है।

पीयूष गोयल ने भारत मंडपम में ‘आईआईएफटी वाइस चांसलर कॉन्क्लेव’ 2026 के अवसर पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। गोयल ने कहा, ‘‘सरकार हमारे निर्यातकों को समर्थन देने के लिए हर नीतिगत उपाय और निर्यात प्रोत्साहन मिशन का उपयोग करेगी। सरकार ने दैनिक आधार पर मुद्दों पर विचार करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘हम अपने निर्यातकों को सहूलियत देने के लिए कुछ तरीकों को औपचारिक रूप देंगे। हर दिन अंतर-मंत्रालयी समूह निर्यातकों से बात करता है…वे प्रतिक्रिया लेते हैं और हम किसी भी तरह से अपने निर्यातकों का समर्थन करने में पीछे नहीं रहेंगे।’’

गोयल ने कहा कि भारत अपने उद्योगों द्वारा विदेशों के खरीदारों से किए गए सभी समझौतों और वादों को पूरा करता रहेगा, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों।

गोयल से जब माल ढुलाई के बढ़ते खर्च के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस पर भी काम कर रहा है और यह देख रहा है कि निर्यातकों पर पड़ने वाले बोझ को कैसे कम किया जाए। उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय इस मुद्दे पर पोत परिवहन मंत्रालय और शिपिंग कंपनियों से भी लगातार बातचीत कर रहा है, ताकि निर्यातकों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।

इससे पहले गोयल ने आज इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेन ट्रेड (आईआईएफटी) के वाइस चांसलर कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि एक सर्विस के तौर पर शिक्षा में भारत की एक्सपोर्ट कमाई में योगदान देने और दुनिया के बाकी हिस्सों में हाई क्वालिटी भारतीय शिक्षा को ले जाने में मदद करने की काफी क्षमता है।

गोयल ने एक्स पोस्ट पर लिखा वाइस चांसलर कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए खुशी हुई, जिसमें विकसित भारत 2047 के लिए हायर एजुकेशन के इंटरनेशनलाइजेशन की फिर से कल्पना की गई।

उल्लेखनीय है कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए संयुक्त हमले के बाद निर्यातकों को पश्चिम एशिया में खेप की आवाजाही के संबंध में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

-------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Share this story