पेंशन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने पर सरकार कर रही विचार
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (हि.स)। केंद्र सरकार पेंशन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को बढ़ाकर 100 फीसदी तक करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में विधेयक संसद के अगले सत्र में पेश किया जा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि यह कदम बीमा क्षेत्र के अनुरूप होगा, जहां सरकार की ओर से पहले ही 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी जा चुकी है। पिछले वर्ष संसद ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करने वाले विधेयक को मंजूरी दी थी।
सूत्रों के मुताबिक पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की अधिनियम, 2013 में संशोधन कर पेंशन क्षेत्र में एफडीआई सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव मानसून या शीतकालीन सत्र में लाया जा सकता है। फिलहाल पेंशन कोष में एफडीआई की सीमा 49 फीसदी है। इसके अलावा प्रस्तावित संशोधन विधेयक में एनपीएस ट्रस्ट को पीएफआरडीए से अलग करने का प्रावधान भी शामिल हो सकता है। वर्तमान में एनपीएस ट्रस्ट की शक्तियां, कार्य और जिम्मेदारियां वर्ष 2015 के नियमों के तहत निर्धारित हैं, जिन्हें भविष्य में किसी धर्मार्थ ट्रस्ट या कंपनी कानून के तहत लाया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

