पीडीयूएनएएसएस ने डीओपीटी प्रायोजित अनुभवात्मक शिक्षण उपकरणों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम किया आयोजित
नई दिल्ली, 21 मार्च (हि.स)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्थान, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (पीडीयूएनएएसएस) ने नई दिल्ली स्थित अपने परिसर में 16 से 20 मार्च तक अनुभवात्मक शिक्षण उपकरण (ईएलटी) पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि यह कार्यक्रम कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के प्रशिक्षक विकास कार्यक्रम (टीडीपी) के तहत आयोजित किया गया था। यह सिविल सेवाओं में क्षमता विकास और प्रशिक्षण तंत्र को मजबूत करने पर सरकार के निरंतर प्रयास को दर्शाता है।
मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षकों में अनुभवात्मक अधिगम पद्धतियों का उपयोग करते हुए प्रभावी, शिक्षार्थी-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने और प्रदान करने के लिए आवश्यक दक्षताओं का विकास करना था। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सहभागिता बढ़ाने, व्यावहारिक अनुप्रयोग और वास्तविक दुनिया के संदर्भों के माध्यम से अधिगम परिणामों में सुधार करना था।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कहा कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा सत्र संचालित किए गए जिनमें बीएसएफ के कमांडेंट संदीप गुप्ता और व्याख्याता श्री लक्ष्मण मानिकपुरी शामिल थे। कार्यक्रम में केस स्टडी, रोल प्ले, सिमुलेशन, फील्ड आधारित शिक्षण और समूह अभ्यास जैसे कई अनुभवात्मक उपकरणों को शामिल किया गया। इस कार्यक्रम में संवादात्मक और सहभागी दृष्टिकोण अपनाया गया।
इस प्रशिक्षण में व्यावहारिक अभ्यास, चिंतनशील अधिगम और सहयोगात्मक सहभागिता पर जोर दिया गया, ताकि प्रतिभागी समकालीन शासन आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावशाली प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार कर सके। समापन सत्र के दौरान प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, पीडीयूएनएएसएस के निदेशक कुमार रोहित ने आधुनिक क्षमता विकास में अनुभवात्मक शिक्षा के महत्व के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि “अनुभवात्मक शिक्षण उपकरण प्रशिक्षकों को गहन और परिणामोन्मुखी शिक्षण वातावरण बनाने में सक्षम बनाते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि ज्ञान को सेवा वितरण में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। पीडीयूएनएएसएस 'विकसित भारत' की परिकल्पना के अनुरूप एक सक्षम, उत्तरदायी और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण हेतु नवीन शिक्षण तंत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने और सार्वजनिक सेवा वितरण की गुणवत्ता को बढ़ाने में डीओपीटी के प्रशिक्षक विकास कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया। इस कार्यक्रम में बीएसएफ, सीआईएसएफ, केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान लोक प्रशासन संस्थान और ईपीएफओ सहित विभिन्न संगठनों के अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के व्यावहारिक दृष्टिकोण और प्रासंगिकता की सराहना की।
इस अवसर पर पीडीयूएनएएसएस के मुख्य शिक्षण अधिकारी श्री रिजवानुद्दीन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समन्वय पीडीयूएनएएसएस के प्रथम वरिष्ठ अधिकारी श्री विजय कुमार ने किया। उन्होंने पाठ्यक्रम निदेशक के रूप में कार्य किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

