यूएई निवेशकों के लिए भारत में कई क्षेत्रों में अवसर: पीयूष गोयल
कहा- निवेश और नवाचार के माध्यम से भारत-यूएई साझेदारी में महत्वपूर्ण बदलाव की अपार संभावनाएं
नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है और यूएई के निवेशकों के लिए कई क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) भारत-यूएई व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण ढांचा है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने मुंबई में भारत और यूएई निवेश पर आयोजित उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल (एचएलजेटीएफआई) की 14वीं बैठक के दौरान अपने संबोधन में यह बात कही। इस बैठक में द्विपक्षीय निवेश प्रवाह बढ़ाने तथा सहयोग के उभरते क्षेत्रों की संभावनाओं का पता लगाने सहित व्यापार और निवेश से जुड़े हुए प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (एडीआईए) के प्रबंध निदेशक (एमडी) शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान ने की। निवेश पर उच्च स्तरीय संयुक्त कार्यबल की स्थापना वर्ष 2013 में भारत और यूएई के बीच व्यापार, निवेश तथा आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
पीयूष गोयल ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक पोस्ट में लिखा यूएई के विदेश व्यापार मंत्री, डॉ. थानी बिन अहमद अल जायोदी से मिलकर खुशी हुई। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हमने भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) के तहत हो रही लगातार प्रगति और हमारे व्यापार और निवेश साझेदारी को और गहरा करने के नए तरीकों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (एडीआईए) के प्रबंध निदेशक (एमडी) शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान से मिलकर खुशी हुई। गोयल ने बताया कि भारत-यूएई आर्थिक साझेदारी को तेज करने और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) का पूरा फ़ायदा उठाने पर सार्थक चर्चा हुई। सीईपीए एक अहम फ्रेमवर्क है, जो व्यापार, निवेश और मजबूत सप्लाई चेन बनाने में मदद करता है।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि सीईपीए फ्रेमवर्क के जरिए भारत की तेजी से होती तरक्की और यूएई के निवेशकों के लिए अलग-अलग सेक्टर में मौजूद बड़े मौकों पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि हमारे साझा आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने और भारत-यूएई साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि अपनी स्थापना के बाद से यह कार्यबल भारत और यूएई में निवेश के अवसरों तथा संभावनाओं पर चर्चा करने के साथ-साथ दोनों देशों के निवेशकों के समक्ष आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

