एनएसई के आईपीओ को निवेशकों की ओर से मिला फीका रिस्पॉन्स, पहले दिन सिर्फ 43 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ पब्लिक इश्यू

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एनएसई के आईपीओ को निवेशकों की ओर से मिला फीका रिस्पॉन्स, पहले दिन सिर्फ 43 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ पब्लिक इश्यू


नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। लंबे इंतजार और तमाम चर्चाओं के बाद आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च तो हो गया, लेकिन पहले दिन इसे निवेशकों की ओर से काफी ठंडे रिस्पॉन्स का सामना करना पड़ा। पहले दिन ये आईपीओ ओवरऑल 50 प्रतिशत भी सब्सक्राइब नहीं हो सका। किसी भी कैटेगरी में ये आईपीओ फुली सब्सक्राइब नहीं हो सका। और तो और एंप्लॉयीज कैटेगरी में भी एनएसई का आईपीओ 96 प्रतिशत ही सब्सक्राइब हो सका। आज पूरे दिन का समय बीतने के बाद इस आईपीओ को ओवरऑल 43 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन ही मिल सका था।

माना जा रहा है कि ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर बने निगेटिव सेंटिमेंट्स की वजह से निवेशक इस आईपीओ में बोली लगाने से हिचक रहे हैं। ग्रे मार्केट में एनएसई के शेयर की मांग लगातार कमजोर होती गई है। पांच सितंबर को ग्रे मार्केट में इस शेयर के लिए 310 रुपये यानी 17.37 प्रतिशत प्रीमियम मिल रहा था, लेकिन उसके बाद से इस शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार गिरता चला गया।

आज लॉन्चिंग के दिन दोपहर 12 बजे ग्रे मार्केट में ये शेयर सिर्फ 137 रुपये यानी 7.68 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि, बाद में इसकी स्थिति में मामूली सुधार हुआ। आज का दिन खत्म होने तक इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम थोड़ा बढ़ कर 148 रुपये यानी 8.29 प्रतिशत हो गया था। इसके बावजूद ये अभी भी ग्रे मार्केट के मानक दस प्रतिशत के स्तर से नीचे है।

ग्रे मार्केट में एनएसई के शेयर की चाल देखें, तो चार सितंबर एनएसई के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम 285 रुपये था, जो इसके इश्यू प्राइस का 15.97 प्रतिशत था। इसके अगले दिन एनएसई के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) बढ़ कर 310 रुपये हो गया। मतबल पांच सितंबर को एनएसई के शेयर का जीएमपी 17.37 प्रतिशत हो गया। यहां तक तो सब कुछ ठीक था, लेकिन इसके बाद इस शेयर का जीएमपी लगातार गिरता चला गया।

अगले चार दिन में यानी 9 सितंबर तक एनएसई के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम गिर कर 222 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इतनी गिरावट के बाद भी जीएमपी 12.44 प्रतिशत के स्तर पर था। इसके बाद 10 सितंबर को जब एनएसई के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का ऐलान हुआ, उस दिन ग्रे मार्केट में इस शेयर का प्रीमियम घट कर 192 रुपये यानी 10.76 प्रतिशत के स्तर पर आ गया।

एनएसई के शेयर की जीएमपी का गिरना आगे भी जारी रहा। मंगलवार यानी 15 सितंबर को इस शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम गिर कर 160 रुपये यानी 8.96 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह 16 सितंबर को रात आठ बजे चक इस शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम 145 रुपये यानी 8.12 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया। आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च होने के बाद इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम में और गिरावट आई। दोपहर 12 बजे तक ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम घट कर सिर्फ सिर्फ 137 रुपये यानी 7.68 प्रतिशत रह गया था। शाम के वक्त ग्रे मार्केट प्रीमियम में सुधार होने के बावजूद ये अभी भी नौ प्रतिशत से भी नीचे है।

मार्केट एक्सपर्ट आमतौर पर 10 प्रतिशत से नीचे ग्रे मार्केट प्रीमियम के रहने पर उस शेयर को जोखिम पूर्ण मानते हैं और निवेशकों को उससे दूर रहने की सलाह देते हैं। इस लिहाज से एनएसई का शेयर भी आईपीओ की लॉन्चिंग होने के बाद भी जोखिम वाली स्थिति में है। मतलब इस शेयर में निवेश करने पर आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग गेन की जगह लिस्टिंग लॉस का भी सामना करना पड़ सकता है।

यही वजह है कि निवेशकों का एक बड़ा वर्ग अभी बाजार के रुख को भांपने की कोशिश कर रहा है। माना जा रहा है कि अगर कल इस शेयर के सब्सक्रिप्शन में तेजी आई, तो 21 सितंबर को क्लोजिंग वाले दिन इस शेयर के सब्सक्रिप्शन में तेजी आ सकती है। अगर कल भी इस शेयर को लेकर निवेशकों का रिस्पॉन्स ठंडा रहता है, तो 21 सितंबर को क्लोजिंग वाले दिन भी इस आईपीओ को अपने निवेशकों के लिए इंतजार ही करना पड़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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