आरआईएनएल की जमीनों की ई-नीलामी को मिली शानदार प्रतिक्रिया, सरकार ने जुटाए 366 करोड़ रुपये

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आरआईएनएल की जमीनों की ई-नीलामी को मिली शानदार प्रतिक्रिया, सरकार ने जुटाए 366 करोड़ रुपये


नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने मंगलवार को विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र का संचालन करने वाली कॉर्पोरेट इकाई राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) से संबंधित प्रीमियम 150 भूखंडों की पहले दिन सफलतापूर्वक ई-नीलामी की। इससे सरकार को 366.33 करोड़ रुपये मिले।

वित्त मंत्रालय ने जारी बयान में बताया कि राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम की राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के भूखंड की पहली डिजिटल माध्यम से ऑनलाइन नीलामी से सफल बोलियों में पहले दिन 366.33 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जबकि 150 भूखंड बेचे गए हैं। यह प्रक्रिया वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के तहत राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम ने किया है।

मंत्रालय के अनुसार पहले चरण में प्रस्तुत भूखंडों में से 150 भूखंड सफलतापूर्वक बेचे गए, जिसमें 312.48 करोड़ रुपये की कुल आरक्षित मूल्य की अपेक्षा सफल बोली से 366.33 करोड़ रुपये का कुल मूल्य लगा। वहीं, सफल बोलियों से आरक्षित मूल्य पर 17.23 प्रतिशत का औसत प्रीमियम दर्ज किया गया, जो बाजार भागीदारी और इस प्रस्ताव पर संपत्तियों में रुचि दर्शाता है।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस नीलामी में बेहतर मूल्य प्राप्ति हुई, जिसमें उच्चतम नीलामी मूल्य प्रति वर्ग गज 1.80 लाख रुपये को पार कर गया। यह विशाखापत्तनम में अच्छे स्थानों के भूखंडों के लिए मजबूत बाजार मांग को दिखलाता है। इसके साथ ही यह सार्वजनिक परिसंपत्तियों से आर्थिक लाभ जुटाने में पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी ई-नीलामी प्रक्रिया की भूमिका रेखांकित करता है।

मंत्रालय ने कहा कि एनएलएमसी द्वारा नीलामी की सुविधा राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के समन्वय से की जा रही है, जिसमें क्विकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इसके लेनदेन सलाहकार है। ऑनलाइन बोली प्रक्रिया रेलटेल के ई-निविदा प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की जा रही है।

आरआईएनएल ई-नीलामी का दूसरा चरण 30 अक्टूबर को

पहले चरण में मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया के बाद ई-नीलामी का दूसरा और अंतिम चरण में शेष 216 भूखंड शामिल होंगे और यह 30 अक्टूबर, 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी। इसमें शामिल होने के लिए इच्छुक बोलीदाताओं को 27 अक्टूबर, 2026 तक अपना पंजीकरण पूरा करना होगा। वहीं, उपलब्ध भूखंड, आरक्षित मूल्य, पात्रता शर्तें और भागीदारी आवश्यकताओं का विवरण आधिकारिक ई-नीलामी पोर्टल: https://eauction.enivida.com/ पर देखा जा सकता है।

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग के तहत सरकारी कंपनी है। ये कंपनी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और अन्य सरकारी एजेंसियों की अधिशेष भूमि और भवन परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण की सुविधा प्रदान करता है। राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम पारदर्शी और बाजार-उन्मुख प्रक्रियाओं द्वारा ऐसी परिसंपत्तियों की संरचित पहचान, तैयारी और मुद्रीकरण के लिए परिसंपत्ति-स्वामित्व वाले संगठनों के समन्वय से काम करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Livevns.news Desk
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