नीति आयोग ने शांति अधिनियम के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ की परामर्श बैठक

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नीति आयोग ने शांति अधिनियम के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ की परामर्श बैठक


नीति आयोग ने शांति अधिनियम के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ की परामर्श बैठक


नई दिल्ली, 11 जुलाई (हि.स)। नीति आयोग ने नई दिल्ली में शांति अधिनियम 2025 को लागू करने पर हितधारकों के साथ विचार-विमर्श आयोजित किया। इसका मुख्य फोकस कानूनी और नियामक ढांचा तैयार करने, वित्त, बीमा और लोगों की सोच को बेहतर बनाने के साथ ही विनिर्माण क्षमता, ऑपरेशन की तैयारी और क्षमता निर्माण को बढ़ाने पर है।

नीति आयोग ने शनिवार को एक बयान में बताया कि नीति आयोग ने 10 जुलाई को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र के समरसता सभागार में शांति अधिनियम 2025 के कार्यान्वयन पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की। इस बैठक में सरकार, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं प्रमुखों, नीति निर्माताओं ने भाग लिया और इस महत्वपूर्ण अधिनियम के परिचालन तंत्र पर विचार-विमर्श किया।

आयोग के मुताबिक तकनीकी चर्चाएं अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित थी:- इसमें विधायी एवं नियामक ढांचा, वित्त, बीमा और जनधारणा और विनिर्माण, संचालन एवं क्षमता विकास प्रमुख है।

विचार-विमर्श शांति अधिनियम के मसौदा नियमों, विनियमों और संबंधित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति के प्रावधानों पर केंद्रित था, जिसमें उद्घाटन तकनीकी खंड में शांति अधिनियम, 2025 के तहत संवैधानिक अनुपालन तंत्रों को भी प्रस्तुत किया गया। वहीं, इस बात पर चर्चा की गई कि घरेलू हितों की रक्षा करते हुए विदेशी पूंजी को कैसे आकर्षित किया जा सकता है।

हितधारकों ने अधिनियम के कार्यान्वयन में सहयोग के लिए आवश्यक वित्तीय तंत्रों और जोखिम-निवारण ढाँचों की समीक्षा की। चर्चा में दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बीमा व्यवस्थाओं के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति जन जागरूकता, सामुदायिक विश्वास और व्यापक स्वीकृति को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य ध्यान परिचालन चरण पर था जिसमें घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने, परिचालन की तैयारी सुनिश्चित करने और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने पर बल दिया गया। हितधारकों ने आपूर्ति शृंखला की प्रतिरोधता बढ़ाने और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने तथा उच्च कोटि के सक्षम मानव संसाधन आधार विकसित करने के लिए समर्पित क्षमता विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा की।

नीति आयोग ने बताया कि हितधारकों ने सभी तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विविध विचार प्रस्तुत किए है, जो शांति अधिनियम, 2025 के कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करने में उपयोगी साबित होंगे। हितधारकों के साथ इस परामर्श बैठक की अध्यक्षता प्रो. अभय करंदीकर (सदस्य, नीति आयोग) ने की। अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में पंकज अग्रवाल (सचिव, एमओपी), घनश्याम प्रसाद (अध्यक्ष, सीईए), गुरदीप सिंह (सीएमडी, एनटीपीसी लिमिटेड), डॉ. अंशु भारद्वाज (कार्यक्रम निदेशक, नीति आयोग), राजनाथ राम (सलाहकार, नीति आयोग), डॉ. गरिमा शर्मा (प्रमुख, एसएसएसडी, डीएई) और हरि कुमार (एईआरबी के विशिष्ट वैज्ञानिक और निदेशक) शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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