केंद्र सरकार ने एनएचपीसी में अपनी हिस्सेदारी बेचकर जुटाए 4,300 करोड़ रुपये
नई दिल्ली, 04 जून (हि.स)। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र का 'नवरत्न' उपक्रम एनएचपीसी लिमिटेड में बिक्री पेशकश (ओएफएस) के आखिरी दिन बुधवार को अपनी हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,300 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 60.27 करोड़ शेयरों के बिक्री पेशकश (ओएफएस) के मुकाबले कुल 151.33 करोड़ शेयरों के लिए बोली प्राप्त हुई। इस ओएफएस में सरकार की तीन फीसदी हिस्सेदारी की पेशकश शामिल थी, जबकि तीन फीसदी ग्रीन शू विकल्प यानी अतिरिक्त बोली आने पर उसे अपने पास रखने का विकल्प रखा गया था।
सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि वह एनएचपीसी लिमिटेड में छह फीसदी तक की हिस्सेदारी 'ऑफर फॉर सेल' ओएफएस के जरिए बेचेगी। इसके लिए न्यूनतम मूल्य ब्रिकी मूल्य 71 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का यह तीसरा ओएफएस था। पिछले हफ़्ते सरकार ने ओएफस के जरिए कोल इंडिया में 2 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 5,542 करोड़ रुपये जुटाए। वहीं, मई में उसने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8.08 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 2,266 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस तरह कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक विनिवेश से सरकार को मिली रकम 7,808 करोड़ रुपये है।
वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए 80 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट अनुमानों के अनुसार 33,837 करोड़ रुपये से दोगुने से भी ज़्यादा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

