अपने आईपीओ के साथ प्राइमरी मार्केट में कल उतरेगी विस्कॉन इंडस्ट्रीज, 3 नवंबर को हो सकती है शेयर की लिस्टिंग

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अपने आईपीओ के साथ प्राइमरी मार्केट में कल उतरेगी विस्कॉन इंडस्ट्रीज, 3 नवंबर को हो सकती है शेयर की लिस्टिंग


अपने आईपीओ के साथ प्राइमरी मार्केट में कल उतरेगी विस्कॉन इंडस्ट्रीज, 3 नवंबर को हो सकती है शेयर की लिस्टिंग


नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (हि.स.)। अपने फ्लैगशिप ब्रांड विस्कॉन के तहत एलईडी टीवी, एयर कूलर, वाशिंग मशीन और एयर कंडीशनर जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स का कारोबार तथा ऑफलाइन डीलर नेटवर्क व अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये देश भर के बी2बी और बी2सी ग्राहकों को थर्ड-पार्टी इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध कराने वाली दिल्ली की कंपनी विस्कॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड का 110 करोड़ रुपये का आईपीओ कल सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च किया जाएगा। इस आईपीओ में निवेशक 29 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं।

इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 2 नवंबर को अलॉटेड शेयर सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 3 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 194 रुपये से लेकर 204 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयरों का है। रिटेल इन्वेस्टर इस इश्यू में कम से कम 2 लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 2,44,800 रुपये का निवेश करना होगा। इसके अलावा स्मॉल एचएनआई इन्वेस्टर कम से कम 3 लॉट यानी 1,800 शेयरों के लिए 3,67,200 रुपये तक की बोली लगा सकते हैं।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 53,92,200 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत 88.01 करोड़ रुपये मूल्य के 43,14,000 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि कंपनी के प्रमोटर सिद्धांत डालमिया द्वारा 22 करोड़ रुपये मूल्य के 10,78,200 शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के जरिए की जा रही है। आईपीओ में ओएफएस के जरिये जुटाई गई पूरी रकम बेचने वाले प्रमोटर सिद्धांत डालमिया के पास जाएगी।

इस आईपीओ में मार्केट मेकर श्रेणी के लिए 3,90,000 शेयर (फर्म रिजर्वेशन) अलग रखने के बाद नेट ऑफर में से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.01 प्रतिशत हिस्सा आवंटित किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35.55 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15.44 प्रतिशत हिस्सा आवंटित किया गया है। इस पूरे इश्यू के लिए स्मार्ट होराइजन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मां शीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी के मार्केट मेकर के रूप में काम करेगी।

इस आईपीओ के तहत नए शेयरों की बिक्री से जुटाई गई राशि में से 15.04 करोड़ रुपये का निवेश कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी डब्ल्यूओएस डालमिया टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में करेगी, ताकि वहां प्लांट और मशीनरी की खरीद के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर किया जा सके। इसके अलावा 35 करोड़ रुपये सहायक कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, 17 करोड़ रुपये स्वयं कंपनी की खुद की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, 5.23 करोड़ रुपये मार्केटिंग और प्रमोशनल एक्टिविटीज के लिए और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों व आईपीओ के लिए हुए खर्चों की भरपाई करने के लिए उपयोग की जाएगी।

विस्कॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा और इसके बाद वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी को कुल 20.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी को 7.89 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी और अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई। विस्कॉन का ऑपरेशनल रेवेन्यू जहां वित्त वर्ष 2023-24 में महज 3.21 करोड़ रुपये था, वहीं यह अगले वित्त वर्ष 2024-25 में तेजी से बढ़कर 14.49 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी को 197.13 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 69.85 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर कुल 25.26 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून के अंत तक बढ़कर 36.97 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज किया गया था। कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान लगातार मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 90.75 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक और बढ़कर 144.79 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी अच्छी स्थिति बनाई है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 25.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक मामूली बदलाव के साथ 22.82 करोड़ रुपये के स्तर पर बना हुआ था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 30.61 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक और बढ़कर 38.49 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2025-26 में 28.09 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक 11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Livevns.news Desk
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