विशाल निर्मिति लाएगी अपना पब्लिक इश्यू, सेबी से मिली अनुमति

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विशाल निर्मिति लाएगी अपना पब्लिक इश्यू, सेबी से मिली अनुमति


नई दिल्ली, 11 अप्रैल (हि.स.)। रेलवे के लिए प्री स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) स्लीपर बनाने वाली कंपनी विशाल निर्मिति को अपना पब्लिक इश्यू लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) से अनुमति मिल गई है। कंपनी की ओर से सितंबर 2025 में ही मार्केट रेगुलेटर के पास पब्लिक इश्यू लाने के लिए ड्राफ्ट रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) जमा किया गया था। अब सेबी ने इस प्रस्तावित इश्यू के लिए ऑब्जर्वेशन जारी कर दिया है। ऑब्जर्वेशन जारी होने के बाद कंपनी अगले एक साल की अवधि में प्राइमरी मार्केट में अपना आईपीओ लॉन्च कर सकती है।

विशाल निर्मिति की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार ये एक सिविल इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी है। ये रेलवे के लिए प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) स्लीपर बनाती है। कंपनी ने अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर 125 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा प्रमोटर वामन प्री-स्ट्रेसिंग कंपनी इस पब्लिक इश्यू में ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए 15 लाख शेयर बेच सकती है।

ये कंपनी रेलवे के लिए प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) स्लीपर बनाने और उनका व्यापार करने के अलावा अलग अलग उपयोग के लिए प्रीकास्ट और प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट उत्पादों का भी उत्पादन करती है। इसके साथ ही ये पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (पीएसपी) के लिए माइल्ड स्टील पाइप (एमएस पाइप), एमएस लाइनर और पेनस्टॉक पाइप के फैब्रिकेशन और इरेक्शन के कारोबार में भी लगी हुई है।

अगस्त 2025 तक विशाल निर्मिति की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक 504.10 करोड़ रुपये की थी। आईपीओ में शामिल नए शेयरों की बिक्री से हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज को चुकाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इस पब्लिक इश्यू को मैनेज करने के लिए सैफ्रन कैपिटल एडवाइजर्स को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।

विशाल निर्मिति की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में मामूली उतार चढ़ाव के साथ आमतौर पर मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 3.45 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी शुद्ध लाभ उछल कर 23.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 8.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव के साथ बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 270.58 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 247.93 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 324.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 136.75 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 82.15 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 91.75 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 88.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ कम होकर 85.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 3.32 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 36.76 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 59.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक ये 50.17 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 23.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 23.14 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए बढ़ कर 46.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक ये 21.67 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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