टिपको इंजीनियरिंग का आईपीओ 23 मार्च को लॉन्च होगा, निवेशक 25 मार्च तक लगा सकेंगे बोली

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टिपको इंजीनियरिंग का आईपीओ 23 मार्च को लॉन्च होगा, निवेशक 25 मार्च तक लगा सकेंगे बोली


टिपको इंजीनियरिंग का आईपीओ 23 मार्च को लॉन्च होगा, निवेशक 25 मार्च तक लगा सकेंगे बोली


नई दिल्ली, 17 मार्च (हि.स.)। इंडस्ट्रियल मशीनरी कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी टिपको इंजीनियरिंग इंडिया ने अपने आईपीओ की लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। कंपनी का 60.55 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 मार्च को खुलेगा। इस आईपीओ में निवेशक 25 मार्च तक बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 27 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 30 मार्च को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर एक अप्रैल को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 84 रुपये से लेकर 89 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,84,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 68,03,200 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 39 करोड़ रुपये के 44,27,200 नए शेयर और 12 करोड़ रुपये के 13,55,200 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं। 10,20,800 शेयर मार्केट मेकर्स के लिए रिजर्व किए गए हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 42.29 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 29.87 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 12.84 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर्स के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए स्मार्ट हॉरिजन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मांशीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 2.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 8.45 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 15.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 13.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 35.98 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 101.36 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 133.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 86.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 8.42 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 25.68 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 37.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 37.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.56 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 12.50 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 33.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 31.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ है।

कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें, तो 2022-23 में ये 3.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 12.14 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 23.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 20.89 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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