सब्सक्रिप्शन के लिए खुला स्काईटेक इन्फिनीट का आईपीओ, 21 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग

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सब्सक्रिप्शन के लिए खुला स्काईटेक इन्फिनीट का आईपीओ, 21 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग


नई दिल्ली, 14 अगस्त (हि.स.)। कंट्रोल एंड ऑटोमेशन सेक्टर में टर्न-की सॉल्यूशन देने के साथ ही पीएलएसी पैनल सर्विस देने वाली कंपनी स्काईटेक इन्फिनीट प्लेटफॉर्म प्राइवेट लिमिटेड का 22.68 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 18 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 19 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 20 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 21 अगस्त को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन शाम चार बजे तक इस आईपीओ को 40 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 73 रुपये से लेकर 77 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,46,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 29,45,600 नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 0.98 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.37 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 46.60 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.05 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए फिनोशोर मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि इंटिग्रेटेड रजिस्ट्री मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। प्रभात फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

स्काईटेक इन्फिनीट प्लेटफॉर्म प्राइवेट लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 4.20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 44.15 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 45.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 52.14 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.90 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 9.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 11.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 14.81 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 19.02 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 10.48 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस घट कर 7.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 12.14 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.09 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 6.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 6.65 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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