सब्सक्रिप्शन के लिए कल खुलेगा रविता इंजीनियरिंग का आईपीओ, 21 अक्टूबरो को हो सकती है लिस्टिंग

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सब्सक्रिप्शन के लिए कल खुलेगा रविता इंजीनियरिंग का आईपीओ, 21 अक्टूबरो को हो सकती है लिस्टिंग


नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (हि.स.)। ओनशोर, ऑफशोर और डेटा सेंटर जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, इंस्टॉलेशन, कमिशनिंग और मेंटेनेंस (ईपीआईसी) सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड का 116.05 करोड़ रुपये का आईपीओ कल यानी 13 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा।

इस आईपीओ में निवेशक 15 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 16 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 19 अक्टूबर को ही अलॉटेड शेयर निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे और रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 21 अक्टूबर को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 105 रुपये से लेकर 112 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। हालांकि, रिटेल इनवेस्टर्स को इस आईपीओ में दांव लगाने के लिए कम से कम 2 लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए उन्हें न्यूनतम 2,68,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,03,62,000 नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें कोई भी ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) का हिस्सा शामिल नहीं है।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इस पूरे इश्यू के लिए विव्रो फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। वहीं पेस स्टॉक ब्रोकिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में भारी उछाल के साथ 11.83 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 28.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 10.13 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 13.53 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में तेजी से बढ़कर 109.30 करोड़ रुपये और 2025-26 में रिकॉर्ड छलांग लगाते हुए 277.82 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 97.45 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.52 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो व्यवसाय बढ़ने के साथ वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 23.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ कुछ कम होकर 19.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज का बोझ 30.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में बहुत तेजी से बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 3.20 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 15.03 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में भारी उछाल के साथ 85.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 96.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये महज 3.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़कर 15.13 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 99.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का कुल नेटवर्थ 109.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

इसी तरह, कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 2.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़कर 15.65 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 40.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 14.04 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज किया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Livevns.news Desk
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