एमके संस फाइन ज्वेल्स का आईपीओ कल होगा लॉन्च, 4 नवंबर को हो सकती है लिस्टिंग

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एमके संस फाइन ज्वेल्स का आईपीओ कल होगा लॉन्च, 4 नवंबर को हो सकती है लिस्टिंग


नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (हि.स.)। जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी एमके संस फाइन ज्वेल्स लिमिटेड का 275.40 करोड़ रुपये का आईपीओ कल सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च किया जाएगा। ये कंपनी मुंबई और अहमदाबाद में अपने शोरूम नेटवर्क के माध्यम से सोने, हीरे और अमेरिकन डायमंड के आभूषणों की खुदरा बिक्री करने तथा अलग अलग कैटेगरी की अंगूठियां, हार, चूड़ियां, झुमके, ब्रेसलेट, मंगलसूत्र और ब्राइडल व कस्टमाइज्ड आभूषणों की डिजाइनिंग का काम करती है। कंपनी के इस आईपीओ में निवेशक 30 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं।

इश्यू की क्लोजिंग के बाद 2 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 2 नवंबर को ही अलॉटेड शेयर सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 4 नवंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 153 रुपये से लेकर 162 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 91 शेयरों का है। रिटेल इंवेस्टर्स इस इश्यू में कम से कम एक लॉट यानी 91 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,742 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट में 1,183 शेयर के लिए 1,91,646 रुपये तक की बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1.70 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं। यह इश्यू के तहत लगभग 220.32 करोड़ रुपये मूल्य के 1.36 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि प्रमोटर द्वारा 55.08 करोड़ रुपये मूल्य के 34 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए की जा रही है। आईपीओ में ओएफएस के जरिये जुटाई गई पूरी रकम प्रमोटर रामचंद्र मुरलीधर रायमलानी के पास जाएगी।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस पूरे इश्यू के लिए आर्यमन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

इस आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाई गई रकम में से 152.84 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी महाराष्ट्र में एक नया शोरूम स्थापित करने और गुजरात में मौजूदा शोरूम के विस्तार से जुड़े खर्चों की फंडिंग के लिए करेगी। इसके अलावा 30 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों के बोझ को कम करने में किया जाएगा। इसके बाद बची शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।

एमके संस फाइन ज्वेल्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 8.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 23.26 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 123 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 51.80 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 15.02 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 217.40 करोड़ करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 351.32 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 53 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 538.86 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 101.45 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 38.64 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 68.93 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में मामूली गिरावट के साथ 68.44 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 70.52 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।

कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 95.21 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 219.64 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़त के साथ 283.21 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 305.68 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 17.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़कर 107.70 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़कर 125.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 140.35 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 22.27 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 116.21 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 168.01 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 183.04 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 12.87 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 38.57 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़कर 82.94 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 23.42 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Livevns.news Desk
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