ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज का आईपीओ लॉन्च, 31 अगस्त तक निवेशक लगा सकते हैं बोली
नई दिल्ली, 27 अगस्त (हि.स.)। इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) कंपनी ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड का 700 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 31 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद एक सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि दो सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर तीन सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद शाम तीन बजे तक यह आईपीओ 1.13 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 78 रुपये से लेकर 82 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 182 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 182 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,924 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,012 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 2,366 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 8,53,65,851 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 500 करोड़ रुपये के 6,09,75,609 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि लगभग 200 करोड़ रुपये के 2,43,90,242 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
कंपनी अपने इस आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये हासिल होने वाले पैसों में से एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल अपने पुराने कर्ज को बोझ को हल्का करने के लिए करेगी। इसके अलावा मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए उपकरणों और मशीनरी की खरीदारी करने, सिविल वर्क और इंटीरियर डेवलप करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ के खर्च की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.29 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.49 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.79 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा एंप्लॉयीज के लिए इस इश्यू में 1.43 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इस इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 86.61 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 124.59 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 160 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,424.63 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,946.88 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 2,089.31 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 40.91 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग दस गुना बढ़ कर 418.83 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ कम होकर 384.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 413.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 446.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 606.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 445.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 570.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 729.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 145.09 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 222.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 238.95 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

