लिक्विड डिजिटल इंडिया का आईपीओ पहले दिन ही हुआ फुली सब्सक्राइब, 25 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

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लिक्विड डिजिटल इंडिया का आईपीओ पहले दिन ही हुआ फुली सब्सक्राइब, 25 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली


नई दिल्ली, 23 सितंबर (हि.स.)। डिजिटल मार्केटिंग के काम में लगी कंपनी लिक्विड डिजिटल इंडिया लिमिटेड का 39.01 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 25 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 28 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 29 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 30 सितंबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के पहले दिन के अंत तक यह आईपीओ 1.03 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 51 रुपये से लेकर 54 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,16,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 72.24 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 34 करोड़ रुपये के 63.22 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा लगभग पांच लाख रुपये के 9.02 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 28.47 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 52.25 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 19.28 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व इस इश्यू के लिए इंडोरियंट फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

लिक्विड डिजिटल इंडिया की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष के दौरान कंपनी को 8.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इसी तरह इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी को कुल 60.89 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई थी।

पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ 34.19 करोड़ रुपये का था, जबकि इस दौरान कंपनी के पास रिजर्व और सरप्लस हेड में 26.22 करोड़ रुपये थे। पिछले वित्त वर्ष के अंत यानी 31 मार्च 2026 तक कंपनी पर 9.79 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ लदा हुआ था। इसी तरह 31 मार्च 2026 को कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 11.26 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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