सब्सक्रिप्शन के लिेए खुला लायोटेक इंडस्ट्रीज का आईपीओ, 24 जून को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 17 जून (हि.स.)। हार्डवेयर स्ट्रक्चजर और एसेसरीज का निर्माण करने वाली कंपनी लायोटेक इंडस्ट्रीज का 36.02 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 19 फरवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 22 जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 23 जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 24 जून को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 321 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 400 शेयर का है। लायोटेक के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 800 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,56,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 11.22 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 27 करोड़ रुपये के 8.42 लाख नए शेयर और 7 करोड़ रुपये के 2.22 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.42 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 47.41 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.17 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इस इश्यू के लिए वेल्थ माइन नेटवर्क्स प्रा.लि. को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं ऐक्यम कैपिटल प्रा.लि. कंपनी का मार्केट मेकर है।
लायोटेक इंडस्ट्रीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 35 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.93 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 4.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 5.49 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 8.50 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 27.87 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 40.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 51.79 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 1.38 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 3.55 करोड़ रुपये और 2024-25 में 4.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 4.81 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 0.36 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 3.28 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 7.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 12.93 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 87 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.45 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 6.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 8.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

