सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग का आईपीओ, 19 जून तक कर सकते हैं आवेदन
नई दिल्ली, 17 जून (हि.स.)। इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग सर्विस देने वाली कंपनी लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज का 88.51 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 19 जून तक बोली लगाई जा सकती है।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 22 जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 23 जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 24 जून को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने के बाद शाम तीन बजे तक इस आईपीओ को 34 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 21 रुपये से लेकर 23 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 6,000 शेयर का है। लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 800 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,56,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 11.22 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 27 करोड़ रुपये के 8.42 लाख नए शेयर और 7 करोड़ रुपये के 2.22 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 1.03 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 60.07 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 38.90 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए फिनशोर मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि इंटिग्रेटेड रजिस्ट्री मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं अनंत सिक्योरिटीज कंपनी का मार्केट मेकर है।
लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 28 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 16.39 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 16.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 14.18 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 105.38 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 162.88 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 137.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 14.18 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 13.05 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 13.78 करोड़ रुपये और 2024-25 में 20.11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 32.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 4.84 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 21.23 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 42.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 56.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.01 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 19.73 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 21.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 20.18 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

