सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एलसीसी प्रोजेक्ट्स का आईपीओ, पहले दिन ही हुआ फुली सब्सक्राइब
नई दिल्ली, 09 सितंबर (हि.स.)। सिंचाई और वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन सर्विस देने वाली कंपनी एलसीसी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का 427.14 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 11 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 15 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 16 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 17 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद शाम 3:45 बजे तक यह आईपीओ 1.19 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 139 रुपये से लेकर 146 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 102 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 102 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,892 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,596 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,326 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,92,56,232 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 258 करोड़ रुपये के 1,76,71,232 नए शेयर जारी किये जा रहे हैं, जबकि लगभग 169 करोड़ रुपये के 1,15,85,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
एलसीसी प्रोजेक्ट्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 122 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 223.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 286.44 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 2,449.79 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2,941.01 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 3,639.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ भी लगातार बढ़ता चला गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 422.30 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 649.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 860.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 348.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 468.99 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 752.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 382.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 604.99 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 888.41 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 241.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 401.04 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 519.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

