सब्सक्रिप्शन के लिए खुला लेजर पावर एंड इंफ्रा का आईपीओ, 16 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

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सब्सक्रिप्शन के लिए खुला लेजर पावर एंड इंफ्रा का आईपीओ, 16 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग


नई दिल्ली, 09 जुलाई (हि.स.)। पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी लेजर पावर एंड इंफ्रा का 742 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 13 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 14 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 15 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 16 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। आज दोपहर 11:30 बजे तक इस आईपीओ को सिर्फ छह प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 203 रुपये से लेकर 214 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 70 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 70 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,980 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,740 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 910 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 3,46,72,896 करोड़ शेयर बेचे जा रहे हैं। इनमें 542 करोड़ रुपये के 2,53,27,102 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि 200 करोड़ रुपये के 93,45,794 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

लेजर पावर एंड इंफ्रा की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 40.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 106.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 151.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,763.65 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में शानदार बढ़ोतरी के साथ 2,592.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में गिरावट आई। इस साल कंपनी को 2,347.89 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में इस दौरान लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 393.75 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़ कर 502.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले साल यानी पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 828.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 473.44 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 574.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी के नेटवर्थ ने छलांग लगाई। इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 725.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी की ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 156.10 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 250.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी की ईबीआईटीडीए उछल कर 301.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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