सब्सक्रिप्शन के लिए खुला नैक पैकेजिंग का आईपीओ, पहले दिन ही दोगुना से ज्यादा हुआ सब्सक्राइब

WhatsApp Channel Join Now
सब्सक्रिप्शन के लिए खुला नैक पैकेजिंग का आईपीओ, पहले दिन ही दोगुना से ज्यादा हुआ सब्सक्राइब


नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। इंटीग्रेटेड पैकेजिंग सॉल्यूशन देने वाली कंपनी नैक पैकेजिंग का 439.50 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में तीन जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद छह जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि सात जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर आठ जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। शाम 3:15 बजे तक ये आईपीओ 2.21 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। यानी पहले दिन ही इस आईपीओ को दोगुना से भी ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल चुका है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 161 रुपये से लेकर 170 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 88 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 88 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,960 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,480 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,144 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,58,52,941 शेयर बेचे जा रहे हैं। इनमें 380 करोड़ रुपये के 2,23,52,941 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि 35 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

नैक पैकेजिंग के आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 40.75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.833 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.92 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारियों के लिए 0.50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए सिस्टेमैटिक्स कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

नैक पैकेजिंग की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 19.87 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 45.98 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 73.81 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 92.72 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 518.47 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 659.01 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 747.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 843.77 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 122.66 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 173.09 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा कम होकर 172.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 192.47 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 90.34 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 135.62 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 209.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 208.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 95.34 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 140.62 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 214.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 308.19 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 54.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 101.37 करोड़ रुपये और 2024-25 में 144.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 172.29 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

-------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Share this story