जिंदल सुप्रीम का आईपीओ लॉन्च, पहले दिन ही 7.56 गुना हुआ सब्सक्राइब

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जिंदल सुप्रीम का आईपीओ लॉन्च, पहले दिन ही 7.56 गुना हुआ सब्सक्राइब


नई दिल्ली, 16 सितंबर (हि.स.)। इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए स्टील के पाइप, ट्यूब और दूसरे प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी जिंदल सुप्रीम (इंडिया) का 124.88 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 18 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 21 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 22 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 23 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद कुछ देर में ही ये इश्यू फुली सब्सक्राइब हो गया। पहले दिन का समय खत्म होने तक यह आईपीओ 7.56 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 88 रुपये से लेकर 93 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 161 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 161 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,973 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,649 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 2,093 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,34,28,000 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 100 करोड़ रुपये के 1,07,41,149 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसी तरह लगभग 25 करोड़ रुपये के 26,86,851 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए सारथी कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

जिंदल सुप्रीम की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 12.87 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 24.27 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 22.53 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 8.28 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 650.88 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 604.74 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 675.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 191.09 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 104.92 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 95.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 119.87 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ कम होकर 92.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी इस अवधि में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 47.90 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 72.17 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में कम होकर 56.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 64.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 50.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 74.64 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 96.82 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 105.02 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 21.11 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 25.92 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 41.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 13.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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