सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एचडी फायर प्रोटेक्ट का आईपीओ, पहले घंटे में ही हु्आ फुली सब्सक्राइब
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। फायर प्रोटेक्शन सिस्टम, वाटर, फोम और गैस आधारित फायर सेपरेशन इक्विपमेंट्स बनाने वाली और दुनिया के 90 से ज्यादा देशों में निर्यात करने वाली कंपनी एचडी फायर प्रोटेक्ट लिमिटेड का 712.31 करोड़ रुपये के आईपीओ को आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में निवेशक 15 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 16 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 19 अक्टूबर को अलॉटेड शेयर निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे और रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 21 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले घंटे में ही ये आईपीओ फुली सब्सक्राइब हो गया था। दोपहर 12 बजे तक इस आईपीओ को 1.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 258 रुपये से लेकर 271 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 55 शेयर का है। इस आईपीओ में खुदरा निवेशक कम से कम एक लॉट यानी 55 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,905 रुपये का न्यूनतम निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर अधिकतम 1,93,765 रुपये के निवेश से 13 लॉट में 715 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,62,84,500 शेयर जारी किए जा रहे हैं। ये पूरी तरह से एक ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) इश्यू है, यानी कंपनी को इस आईपीओ से कोई नया कैपिटल नहीं मिलेगा और सारा पैसा प्रमोटर्स व पुराने शेयरधारकों के पास जाएगा।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.86 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.91 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.96 प्रतिशत हिस्सा और एंप्लाॉयीज के लिए 0.27 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इस इश्यू के लिए एम्बिट प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
एचडी फायर प्रोटेक्ट लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 87.92 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 109.72 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 116.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 23.87 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 392.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 450.68 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 505.12 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 114.07 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस पूरी अवधि में कंपनी पर कोई लंबी अवधि का कर्ज नहीं है, बल्कि इसकी संपत्ति के मुकाबले इसका वित्तीय ढांचा बहुत सुरक्षित है, जिससे इसकी कुल परिसंपत्तियां (एसेट) वित्त वर्ष 2023-24 के 392.63 करोड़ रुपये से बढ़कर 30 जून 2026 तक 477,60 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई हैं।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार मजबूत बना रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 332.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 302.59 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 286.07 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 309.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी भारी मजबूती देखी गई। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 342.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 396.01 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 375.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह अगर कंपनी के कामकाजी मुनाफे यानी इबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें, तो यह 2023-24 में 106.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 138.01 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 150.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 29.73 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

