सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एफएक्स मल्टिटेक का आईपीओ, 23 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

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सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एफएक्स मल्टिटेक का आईपीओ, 23 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली


सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एफएक्स मल्टिटेक का आईपीओ, 23 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली


नई दिल्ली, 21 सितंबर (हि.स.)। एचवीएसी और इंडस्ट्रियल रेफ्रिजरेशन का काम करने वाली कंपना एफएक्स मल्टिटेक का 45.24 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 23 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 24 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 25 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 28 सितंबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद दिन के अंत तक यह आईपीओ 29 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 110 रुपये से लेकर 116 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,78,400 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 39 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 41 करोड़ रुपये के 35.52 लाख नए शेयर जारी किये जा रहे हैं, जबकि लगभग चार करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.35 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.29 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.31 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.05 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए वनव्यू कॉरपोरेट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं बसन इक्विटी ब्रोकिंग लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

एफएक्स मल्टिटेक लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.18 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 9.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 11.54 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 68.74 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 102.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 111.90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 11.24 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 17.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 18.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 26.35 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 37.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर भी उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और फिसल कर 15.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 27.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.95 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 14.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 19.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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