सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ फार्म पीस का आईपीओ, आठ सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग

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सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ फार्म पीस का आईपीओ, आठ सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग


नई दिल्ली, 01 सितंबर (हि.स.)। इंटीग्रेटेड कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनी फार्म पीस लिमिटेड का 32 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में तीन सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद चार सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि सात सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर आठ सितंबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन यह आईपीओ सिर्फ एक प्रतिशत सब्सक्राइब हो सका है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 59 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,36,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 54.24 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.49 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.49 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा भी रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए सॉक्रेडैमस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं, श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

फार्म पीस की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 6.16 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 6.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 7.53 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 62.75 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 79.98 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 90.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 7.12 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 2.46 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 11.28 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस में भी इस अवधि में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 6.52 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 32.16 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में घट कर 28.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 9.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 35.95 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 43.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 9.27 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में सांकेतिक कमी के साथ 9.26 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके बाद पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ईबीआईटीडीए उछल कर 12.48 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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