दीक्षा पॉलिमर्स का आईपीओ लॉन्च, 24 जून को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 17 जून (हि.स.)। पेट बॉटल और कंटेनर का उत्पादन करने वाली कंपनी दीक्षा पॉलिमर्स लिमिटेड का 17.90 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 19 जून तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 22 जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 23 जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 24 जून को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने के बाद शाम 3:45 बजे तक इस आईपीओ को 99 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 112 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,68,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 15,98,400 शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.45 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.45 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.10 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए आर्यमन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि कैमियो कॉरपोरेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
दीक्षा पॉलिमर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्थ लाभ उछल कर 4.12 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 19.72 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 42.73 करोड़ और वित्त वर्ष 2025-26 में उछर कर 51.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 4.47 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 12.91 करोड़ रुपये और 2025-26 में 15.10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर चार करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 4.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.80 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.71 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 7.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

