लॉन्च हुआ सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ, 2 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

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लॉन्च हुआ सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ, 2 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग


नई दिल्ली, 24 जून (हि.स.)। आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर सीएसएम टेक्नोलॉजीज का 145.78 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 29 जून तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि एक जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर दो जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन ये आईपीओ 26 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 107 रुपये से लेकर 113 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 132 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 132 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,916 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,908 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,716 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,29,01,000 करोड़ नए शेयर बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 40.79 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 40.63 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 17.41 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारियों के लिए 1.17 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए कीनोट फाइनेंशिय सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

सीएसएम टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 15.82 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 12.55 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 14.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 14.70 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 161.50 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 198.65 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 200.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 167.05 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 45.69 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 55.88 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 73.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 56.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 50.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 59.75 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 76.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 88.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 27.87 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 23.71 करोड़ रुपये और 2024-25 में 29.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 30.07 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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