सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एक्सियम गैस का आईपीओ, 25 सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग

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सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एक्सियम गैस का आईपीओ, 25 सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग


नई दिल्ली, 18 सितंबर (हि.स.)। तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में प्राइम फ्यूल ब्रांड के तहत 20 से अधिक ऑटो एलपीजी डिस्पेंसिंग स्टेशन का संचालन करने तथा एलपीजी व सीएनजी पाइपलाइन नेटवर्क का डिजाइन और निर्माण करने वाली कंपनी एक्सियम गैस इंजीनियरिंग लिमिटेड का 50.75 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 22 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 23 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 24 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 25 सितंबर को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन यह आईपीओ 62 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 51 रुपये से लेकर 54 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,16,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 93.98 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 18.99 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 37.96 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 37.96 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.09 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए स्काई कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं सनफ्लावर ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

एक्सियम गैस की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 5.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 9.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 74.54 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 89.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 100.78 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार कमी आई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 20.12 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 16.30 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ और कम होकर 16.06 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 13.85 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 23.83 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 33.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 13.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस कम होकर 10.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 20.31 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 10.01 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 13.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 15.48 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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