सेबी ने म्यूचुअल फंड स्कीम की एक नई कैटेगरी का ऐलान किया

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सेबी ने म्यूचुअल फंड स्कीम की एक नई कैटेगरी का ऐलान किया


नई दिल्ली, 26 फरवरी (हि.स.)। मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने म्यूचुअल फंड स्कीम की एक नई कैटेगरी का ऐलान किया है। लाइफ साइकिल फंड नाम की ये स्कीम लॉन्ग टर्म में निवेशकों को बड़ी राशि तैयार करने में मदद करेगी। इस स्कीम में पहले से तय एलोकेशन स्ट्रेटजी का इस्तेमाल किया जाएगा।

सेबी के आज जारी एक सर्कुलर के अनुसार लाइफ साइकिल फंड्स ओपन एंडेड स्कीम होंगे। लाइफ साइकिल फंड नाम वाली इस स्कीम के जरिए निवेशकों को अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करने का मौका मिलेगा। इन एसेट क्लास में गोल्ड ईटीएफ, सिल्वर ईटीएफ, एक्सचेंज ट्रेडेड कमोडिटी डेरिवेटिव्स और शेयर भी शामिल होंगे। सेबी के सर्कुलर में बताया गया है कि इस स्कीम को इन्वेस्टर्स के खास इन्वेस्टमेंट गोल को पूरा करने के इरादे से डिजाइन किया गया है। इन्वेस्टर्स का इन्वेस्टमेंट गोल को पूरा करने के लिए इसमें समय के साथ पोर्टफोलियो का एलोकेशन भी बदल सकता है।

लाइफ साइकिल फंड्स का मेच्योरिटी पीरियड कम से कम 5 साल और अधिक से अधिक 30 साल होगा। मतलब अलग-अलग फंड हाउस अपने लाइफ साइकिल फंड्स को 5 साल या 5 साल के मल्टीपल्स यानी 10 साल,15 साल, 20 साल, 25 साल और अधिकतम 30 साल की अवधि के लिए भी लॉन्च कर सकेंगे। सर्कुलर में कहा गया है कि लाइफ साइकिल फंड 5 साल के मल्टीपल में लॉन्च किए जा सकेंगे। एक म्युचुअल फंड हाउस के अधिकतम 6 लाइफ साइकिल फंड्स एक समय में सब्सक्रिप्शन के लिए एक्टिव रहेंगे। इसके अलावा हर फंड की मैच्योरिटी में 1 साल शेष रहने पर उसे सबसे नजदीकी मैच्योरिटी टर्म वाले लाइफ साइकिल फंड में मर्ज कर दिया जाएगा। हालांकि ऐसा करने के लिए यूनिट होल्डर की इजाजत लेनी होगी।

सेबी का इरादा लाइफ साइकिल फंड स्कीम के जरिए लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने का है। इसीलिए इन फंड्स में एक ग्रेडेड एग्जिट लोड स्ट्रक्चर भी शामिल किया गया है, ताकि निवेशकों को जल्द पैसे निकालने की बात को लेकर हतोत्साहित किया जा सके। इस एग्जिट लोड स्ट्रक्चर के मुताबिक एक साल से पहले स्कीम से पैसा निकालने पर तीन प्रतिशत एक्जिट लोड लगेगा, जबकि दो साल से पहले पैसे निकालने पर एक्जिट लोड दो प्रतिशत हो जाएगा। इसी तरह 3 साल के अंदर स्कीम से अपना पैसा निकालने पर एक्जिट लोड एक प्रतिशत होगा।

लाइफ साइकिल फंड्स के नाम के साथ उनके मेच्योरिटी का साल भी जुड़ा होगा। मतलब अगर कोई फंड 2026 में पांच साल के लिए लॉन्च होता है, तो उसके नाम में लॉन्चिंग के साल में पांच साल जोड़ दिया जाएगा। इस तरह 2026 में लॉन्च होने वाले फंड के नाम में कम से कम लाइफ साइकिल फंड 2031 जरूर शामिल होगा। इससे इन्वेस्टर्स को अपने निवेश की अवधि याद रखने में आसानी होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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