माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज ने आईपीओ के लिए सेबी के समक्ष दाखिल किया डीआरएचपी
नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। इंदौर की कंपनी माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से फंड जुटाने के लिए पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है।
पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास जमा मसौदा दस्तावेज के अनुसार माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड के 10 रुपये फेस वैल्यू वाला यह आईपीओ एक बुक बिल्ड इश्यू है, जिसमें पूरी तरह से 1.15 करोड़ इक्विटी शेयरों का एक नया इश्यू शामिल है। इनके शेयरों को एनएसई और बीएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। कंपनी इस ताजा इश्यू से मिलने वाली राशि में से 230 करोड़ रुपये का उपयोग 10 लाख हेक्टोलीटर प्रति वर्ष (एचएलपीए) की क्षमता वाली एक नई ब्रूइंग (बीयर निर्माण) सुविधा स्थापित करने के लिए करेगी। इसके अलावा 70 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज चुकाने या प्री-पेमेंट के लिए किया जाएगा और बाकी बची राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में लगाई जाएगी।
माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड का यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से लाया जा रहा है, जिसमें नेट ऑफर का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदार को आवंटित नहीं किया जाएगा, जबकि इसके नेट ऑफर का कम से कम 15 फीसदी और 35 फीसदी हिस्सा क्रमशः गैर-संस्थागत बोलीदाता और खुदरा व्यक्तिगत बोलीदाता को दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1999 में स्थापित यह कंपनी मध्य प्रदेश में बीयर उत्पादन में एक प्रमुख नाम है। टेक्नोपाक की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026 के लिए वॉल्यूम प्रोडक्शन के हिसाब से इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 36.3 फीसदी है। ये कंपनी 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूद है। कंपनी इकोनॉमी, कोर और प्रीमियम कैटेगरी में बीयर बनाने, पैकेजिंग, बिक्री और वितरण के कारोबार में लगी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

