युद्धविराम की खबर से घरेलू सर्राफा बाजार में चमका सोना, चांदी की भी बढ़ी चमक
नई दिल्ली, 08 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम एशिया में सीजफायर का ऐलान होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी ने जोरदार तेजी का रुख दिखाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी के कारण घरेलू सर्राफा बाजार में भी सोना और चांदी की कीमत में तेजी का रुख बना हुआ है। सर्राफा बाजार में हाजिर चांदी की कीमत में 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से लेकर 15 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक की उछाल दर्ज की गई है। इसी तरह सोने के भाव में भी 2.24 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी आज 4.30 प्रतिशत की छलांग लगा कर 76.08 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंची हुई है। इसी तरह सोना 110.87 डॉलर यानी 2.35 प्रतिशत उछल कर 4,818.94 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। इसके पहले सीजफायर की खबर से बने उत्साह के माहौल में सोने की कीमत आज 149.75 डॉलर यानी 3.17 प्रतिशत उछल कर 4,857.82 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी का असर आज घरेलू बाजार में भी साफ-साफ नजर आ रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का भाव आज 2.24 प्रतिशत की उछाल के साथ 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह एमसीएक्स पर चांदी 5.24 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई। शाम 5:30 बजे एमसीएक्स पर चांदी के मई 2026 के वायदा भाव में करीब छह प्रतिशत की तेजी आई है, जिससे मई 2026 के लिए इसका भाव 2,44,770 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचा हुआ था।
इसी तरह जून 2026 में डिलीवरी वाला सोना 2.4 प्रतिशत की उछाल के साथ 1,53,944 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया था। घरेलू सर्राफा बाजार में भी हाजिर चांदी 2.60 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गई। चेन्नई और हैदराबाद के सर्राफा बाजार में हाजिर चांदी की कीमत 2.70 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंची हुई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोना और चांदी की कीमत में ये तेजी पश्चिम एशिया में दो सप्ताह के लिए युद्धविराम का ऐलान होने की वजह से आई है। युद्धविराम का ऐलान होने के बाद मार्केट का रिस्क फैक्टर कम हुआ है, जिसकी वजह से निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने के लिए एक बार फिर सोना और चांदी की खरीदारी शुरू कर दी है।
कैपेक्स गोल्ड एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ राजीव दत्ता का कहना है कि युद्धविराम की खबर आने के बाद सोना और चांदी की कीमत में आई तेजी से निवेशकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों की वजह से अभी भी लोग असमंजस की स्थिति में पड़े हुए हैं। अगर पश्चिम एशिया के शांति प्रस्ताव पर अमेरिका और इजरायल तथा ईरान सहमत नहीं हुए, तो एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच युद्ध की शुरुआत हो सकती है, जिससे मार्केट के हालत बिगड़ते चले जाएंगे।
राजीव दत्ता का कहना है कि सोना और चांदी की दिशा और दशा आने वाले दिनों में ब्याज दरों की स्थिति और महंगाई दर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर भी काफी हद तक निर्भर करेगी। अगर कच्चे तेल की कीमत में जल्दी गिरावट नहीं आई, तो दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है। ऐसा होने से केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति भी प्रभावित होगी, जिसका प्रत्यक्ष असर सोना और चांदी की कीमत पर भी पड़ेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

