'मेड इन इंडिया' सिर्फ लेबल नहीं, क्वालिटी और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक : गोयल
नई दिल्ली, 28 जून (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ केवल उत्पाद पर अंकित लेबल नहीं बल्कि गुणवत्ता के प्रति भारत की प्रतिष्ठा और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। गुणवत्ता केवल कंपनियों के प्रदर्शन का पैमाना नहीं बल्कि देश के प्रति राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने लंदन में 27 जून को आयोजित एक कारोबारी सत्र में तमिलनाडु के अंबूर स्थित फ्लोरेंस शू कंपनी के संस्थापक अकील अहमद पनारूना की सफलता का उल्लेख करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्यमी विश्वस्तरीय विनिर्माण के जरिये ‘ब्रांड इंडिया’ की छवि को वैश्विक स्तर पर मजबूत कर रहे हैं।
गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय ग्राहक ने काहिरा एयरपोर्ट पर लक्जरी ब्रांड ह्यूगो बॉस का एक जूता देखा। उसको जूते पर लगे लेबल की जांच करने पर उस पर ‘मेड इन इंडिया’ अंकित मिला। यह जूता अंबूर स्थित फ्लोरेंस शू कंपनी में तैयार किया गया था।
उन्होंने कहा, “जब किसी उत्पाद पर ‘मेड इन इंडिया’ लिखा होता है तो वह केवल एक कंपनी का नहीं बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है।” गोयल ने कहा कि अकील जैसे उद्यमियों के लिए गुणवत्ता कारोबारी मानक के साथ राष्ट्र के सम्मान और भरोसे से जुड़ी जिम्मेदारी है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने ‘एक्स’ पोस्ट पर साझा संदेश में कहा कि पनारूना ने भारतीय कारीगरी को दुनिया के प्रतिष्ठित ब्रांड तक पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किया है। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने और ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ जैसी पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकी को अपनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई है।
गोयल ने आगे लिखा, ‘लंदन में भारतीय समुदाय और बिजनेस कम्युनिटी के लोगों से मिलकर शाम बहुत अच्छी रही। मैंने भारत और यूके के बीच एक जीवंत पुल के तौर पर भारतीय समुदाय की अहम भूमिका के बारे में बात की, जो आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत बनाता है। मैंने 15 जुलाई, 2026 से लागू होने वाले इंडिया-यूके सीईटीए से मिलने वाले मौकों पर भी ज़ोर दिया। इससे व्यापार, निवेश और इनोवेशन के क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होगा, जिससे दोनों देशों की साझा समृद्धि में योगदान मिलेगा।‘
उल्लेखनीय है कि पीयूष गोयल 25 से 27 जून तक ब्रिटेन की तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर थे, जहां उन्होंने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। यह समझौता 15 जुलाई से प्रभावी होगा। इसके तहत चमड़ा और फुटवियर जैसे श्रम-प्रधान भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

