कनोहर इलेक्ट्रिकल्स और टॉरेंट गैस को आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

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कनोहर इलेक्ट्रिकल्स और टॉरेंट गैस को आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी


नई दिल्ली/मुंबई, 25 जून (हि.स)। उत्तर प्रदेश की कंपनी 'मनोहर इलेक्ट्रिकल्स' और गुजरात की 'टोरेंट गैस' को अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से पूंजी जुटाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अंतिम मंजूरी मिल गई है। इससे उनके लिए आईपीओ के जरिए फंड जुटाने का रास्ता साफ हो गया है।

रेगुलेटर से गुरुवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक पूंजी बाजार नियामक सेबी ने 'मनोहर इलेक्ट्रिकल्स' और 'टोरेंट गैस' इन दोनों कंपनियों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इन कंपनियों के दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सेबी ने 22-25 जून के दौरान अपनी ‘टिप्पणियां’ दीं।

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स ने जनवरी में सेबी के समक्ष अपने आईपीओ के कागजात जमा किए थे, जबकि टोरेंट गैस ने मार्च, 2026 में अपने ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे। किसी कंपनी के लिए सार्वजनिक निर्गम लाने के लिए सेबी की मंजूरी जरूरी होती है।

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स

उत्तर प्रदेश की कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल्स को पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए फाइनल मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने 23 जनवरी, 2026 को सेबी के समक्ष अपने आईपीओ के कागजात जमा किए थे। कंपनी के 2 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रस्तावित आईपीओ में 300 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों का नया निर्गम और प्रवर्तकों के संस फैमिली ट्रस्ट द्वारा 1.45 करोड़ शेयरों का ओएफएस शामिल है।

कंपनी अपने नए शेयरों को जारी करके मिलने वाले 300 करोड़ रुपये में से 130 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल ज़रूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इसके अलावा 66.7 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।

टोरेंट गैस

टोरेंट गैस शहर गैस वितरण क्षेत्र की कंपनी है। इसने गोपनीय मार्ग से आईपीओ दस्तावेज जमा किए हैं। 2018 में बनी टोरेंट गैस लिमिटेड, टोरेंट समूह की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनी है। इसने सेबी के पास गोपनीय डीआरएचपी फाइल किया है। इस कंपनी ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए फंड जुटाने के लिए 25 मार्च, 2026 को सेबी पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) फाइल किया था।

यह कंपनी भारत के सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 34 जिलों में नेचुरल गैस की सप्लाई के लिए सीजीडी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाती और चलाती है। यह गाड़ियों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और घरों, इंडस्ट्रीज और कमर्शियल जगहों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। यह अपने कामकाज में कंप्रेस्ड बायो-गैस का भी इस्तेमाल करती है, जिससे साफ़-सुथरी ऊर्जा को अपनाने में मदद मिलती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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