भारत को 16,420 करोड़ रुपये का ओडीए लोन देगा जापान, मेट्रो, हेल्थकेयर और कृषि परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा

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भारत को 16,420 करोड़ रुपये का ओडीए लोन देगा जापान, मेट्रो, हेल्थकेयर और कृषि परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा


नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स)। जापान सरकार ने भारत को चार बड़े परियोजनाओं के लिए 275.858 अरब जापानी येन (करीब 16,420 करोड़ रुपये) का आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) लोन देने का ऐलान किया है। वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि जापान सरकार ने भारत को शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में चार परियोजनाओं के लिए 275.858 अरब जापानी येन (करीब 16,420 करोड़ रुपये) का आधिकारिक विकास सहायता ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिन्हें पंजाब, कर्नाटक और महाराष्ट्र राज्यों में कार्यान्वित किया जाना है।

मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव आलोक तिवारी और भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो के बीच 24 मार्च 2026 को ऋण समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। ये फंड शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इस मदद से कर्नाटक, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों में बड़े प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया जाएगा।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस लोन का एक बड़ा हिस्सा मेट्रो रेल नेटवर्क को बढ़ाने में लगाया जाएगा। बेंगलुरु मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज 3 के लिए 102.480 अरब येन दिए जाएंगे, जिससे शहर में ट्रैफिक कम होगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इस परियोजना का उद्देश्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना, प्रदूषण कम करना और शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाना है।

इसी तरह मुंबई मेट्रो लाइन 11 प्रोजेक्ट को 92.400 अरब येन मिलेंगे। इससे मुंबई में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और शहर में आवागमन को आसान बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा निवेश किया जा रहा है। महाराष्ट्र में बेहतर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग संस्थान बनाने के लिए 62.294 अरब येन दिए जाएंगे, जिसका उद्देश्य लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।

कृषि क्षेत्र में पंजाब में टिकाऊ बागवानी (हॉर्टिकल्चर) को बढ़ावा देने के लिए 18.684 अरब येन दिए जाएंगे। इससे किसानों को ज्यादा लाभ देने वाली फसलों की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी, साथ ही कृषि ढांचे और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। भारत और जापान के बीच विकास सहयोग का रिश्ता काफी पुराना है, जो 1958 से चला आ रहा है। आर्थिक सहयोग दोनों देशों के रिश्तों का अहम हिस्सा रहा है और यह नया फंडिंग पैकेज इस साझेदारी को और मजबूत करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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