आयकर विभाग की सलाह- गैर-ऑडिट करदाता 31 अगस्त से पहले दाखिल करें आईटीआर

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आयकर विभाग की सलाह- गैर-ऑडिट करदाता 31 अगस्त से पहले दाखिल करें आईटीआर


नई दिल्ली, 24 अगस्त (हि.स.)। आयकर विभाग ने कारोबार या पेशे से कमाई करने और लेखा-परीक्षण के दायरे में नहीं आने वाले करदाताओं को 31 अगस्त तक अपना आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की सलाह दी है। विभाग ने अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द आईटीआर दाखिल करने को कहा है।

आयकर विभाग के मुताबिक जिन करदाताओं की व्यावसायिक या पेशेवर आय है और जिनका ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है, उनके लिए आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। विभाग ने कहा कि आईटीआर-3, 4, 5 और 7 के लिए समय पर आयकर रिटर्न दाखिल कर 'टैक्स हीरो' बनें।

विभाग ने बताया कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर 20 अगस्त तक दो करोड़ से अधिक आईटीआर-3 और आईटीआर-4 दाखिल किए जा चुके हैं, जिससे आकलन वर्ष 2026-27 के लिए दाखिल कुल आयकर रिटर्न की संख्या अब 6.5 करोड़ से अधिक हो गई है। इसमें 5.9 करोड़ से अधिक वे आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भी शामिल हैं, जो 31 जुलाई की नियत तिथि तक दाखिल किए गए थे।

विभाग ने कहा, जिन टैक्सपेयर्स की बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम है और जिनका ऑडिट नहीं होना है, वे भी आकलन वर्ष 2026–27 का आईटीआर 31 अगस्त तक फाइल कर सकते हैं। यदि कोई करदाता गैर-ऑडिट श्रेणी में आता है, तो वह आईटीआर-3, आईटीआर-4, आईटीआर-5 या आईटीआर-7 दाखिल कर सकता है। आईटीआर-3 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए है, जिनकी आय किसी एकल स्वामित्व वाले व्यवसाय या पेशे से होती है।

आईटीआर-4 एक सरल फॉर्म है, जो छोटे और मध्यम करदाताओं की जरूरतों को पूरा करता है। आईटीआर-5 फर्मों, सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी) और सहकारी समितियों के लिए है। आईटीआर-6 कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत कंपनियों और आईटीआर-7 ट्रस्टों तथा परमार्थ संस्थाओं की ओर से दाखिल किया जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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